बाजार में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से अपील की थी कि बाजार को साफ किया जाए और तत्काल नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएं.
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि बाजारों की सफाई के लिए कई बार सरकार का ध्यान आकर्षित करने के बाद भी अभी तक इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया गया है. ऐसा लगता है कि सरकार ने व्यापारियों और वाणिज्यिक बाजारों को भगवान की दया के भरोसे 'जहां है-जैसा है' के आधार पर छोड़ दिया है.
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उन्होंने कहा, 'दिल्ली के बाजार आमतौर पर या तो घनी आबादी वाले क्षेत्रों में हैं या बाजारों के आसपास के क्षेत्र घनी आबादी से नजदीक हैं. दुकानों को खोलने का आदेश देने से पहले बाजारों को साफ कराने की जिम्मेदारी सरकार के पास थी. कैट ने इस संबंध में कई पत्र भेजे लेकिन दुख की बात है कि सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया.'
लॉकडाउन में भी नहीं हुई थी बंदी
देश भर में लॉकडाउन की शुरुआत के वक्त देशभर के सभी बाजार बंद कर दिए गए थे. लेकिन दिल्ली के दवा बाजार को खोला गया था. इमरजेंसी सर्विस होने की वजह से इन दुकानों को लगातार खोला गया. यह फैसला इसलिए किया गया था, जिससे रोजाना काम आने वाली ब्लड प्रेशर, शुगर और हार्ट से जुड़ी दवाइयों की सप्लाई कम न पड़े. दिल्ली सरकार ने सभी बाजारों को जब ऑड-ईवन फॉर्मूले के तहत खोलने के निर्देश दिए थे, तब भी ये मार्केट पूरी तरह से खोला गया था.
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दिल्ली में 10,058 कोरोना के एक्टिव केस
दिल्ली कोरोना वायरस का गढ़ बनती जा रही है. दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या 18,549 हो गई है. कोरोना वायरस की वजह से अब तक 416 लोगों की मौत हो गई है, वहीं कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या 10,058 है. कोरोना से अब तक 8,075 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज कर दिए गए हैं.
सुशांत मेहरा