दिल्ली में कम हो रहा ऑक्सीजन संकट, अस्पतालों के SOS कॉल में आई कमी

ऑक्सीजन बुलेटिन जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली को रोजाना 730 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन उपलब्ध कराए. सिर्फ एक दिन के लिए अतिरिक्त इंतजाम ना करे. दिल्ली की जरूरत 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की है. केंद्र सरकार ने पहली बार दिल्ली को 75 फीसदी ऑक्सीजन दी है

Advertisement
प्रतीकात्मक तस्वीर ( फोटो पीटीआई) प्रतीकात्मक तस्वीर ( फोटो पीटीआई)

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 07 मई 2021,
  • अपडेटेड 12:46 AM IST
  • दिल्ली में कम होता ऑक्सीजन संकट
  • अस्पतालों के SOS कॉल में आई कमी
  • केंद्र से लगातार पूरी ऑक्सीजन देने की अपील

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और विधायक राघव चड्ढा ने पांच मई का ऑक्सीजन बुलेटिन जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली को रोजाना 730 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन उपलब्ध कराए. सिर्फ एक दिन के लिए अतिरिक्त इंतजाम ना करे. दिल्ली की जरूरत 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की है. केंद्र सरकार ने पहली बार दिल्ली को 75 फीसदी ऑक्सीजन दी है. 

Advertisement

राघव चड्ढा ने की केंद्र से अपील

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली को 250 से 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिल रही थी. हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के चलते पहली बार केंद्र सरकार ने 730 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दी है. दिल्ली को 730 मीट्रिक टन ऑक्सीजन में से 33 फीसदी ऑक्सीजन निर्धारित प्लांटों से नहीं दी है बल्कि हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट के दबाव में अतिरिक्त इंतजाम किया गया है. राघव ने कहा कि दिल्ली को 75 फीसदी ऑक्सीजन मिलने से एसओएस कॉल में कमी आई है. रोजाना आने वाली 40-50 एसओएस कॉल की जगह मात्र 16 फोन आए हैं. केजरीवाल सरकार ने सभी 16 एसओएस कॉल की दिक्कतों को दूर किया और 16 अस्पतालों में भर्ती 2777 लोगों को ऑक्सीजन की कमी नहीं होने दी.

दिल्ली में ऑक्सीजन संकट हुआ कम

उनकी माने तो दिल्ली में निजी अस्पताल, सरकारी अस्पताल और छोटे नर्सिंग होम को इस समय रोजाना 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत होती है. पिछले कुछ दिनों से केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली को लगातार 250, 300, 350 और 400 मीट्रिक टन तक ऑक्सीजन दी जा रही थी. यानि कि दिल्ली की मांग के मुकाबले आधी से भी कम ऑक्सीजन केंद्र सरकार की ओर से दी जा रही थी. लेकिन हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पहली बार केंद्र सरकार की ओर से 730 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दी गई है. हमारी 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत के मुकाबले 730 में टन ऑक्सीजन दी गई है. यानी कि हमारी जरूरत के मुकाबले 75 फीसदी ऑक्सीजन दी गई है. इसके लिए केंद्र सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद कि पिछले कई दिनों से की जा रही आपूर्ति से थोड़ा अधिक ऑक्सीजन दिल्ली को उपलब्ध कराई गई है. 

Advertisement

क्लिक करें- दिल्ली: कोरोना काल में तीन पहिये वाले ऑटो बन गए एंबुलेंस, शुरू हुई नई सुविधा 

राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली को जो 730 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दी गई है वो दिल्ली के लिए निर्धारित ऑक्सजीन प्लांटों से नहीं दी गई है. किसी दवाब के चलते जुगाड़ से अतिरिक्त इंतजाम कर दूसरे राज्य की ऑक्सीजन दिल्ली भेजी है. इसके जरिए दिल्ली की एक दिन की ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा करने की कोशिश की गई है. 

केजरीवाल सरकार की अपील, लगातार मिले पूरी ऑक्सीजन

उन्होंने उम्मीद जताई है कि 250 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का जो अतिरिक्त इंतजाम किया गया है उसे स्थाई कर दिया जाएगा. दिल्ली के लिए आवंटित नियमित स्रोतों से जोड़ दिया जाएगा. जोर देकर कहा गया है कि केवल एक बार का इंतजाम करने से कुछ नहीं होगा.वे कहते हैं कि जो ऑक्सीजन 5 मई को मिली है वहां से रोजाना मिलती रहे. ऐसा नहीं है कि 1 दिन 730 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिल गई तो कल और परसो जरूरत नहीं पड़ेगी. हमारी जरूरत 976 मीट्रिक टन की है जो कि रोजाना दिल्ली को चाहिए. यह कोई 1 दिन या एक सप्ताह की नहीं बल्कि रोजाना की जरूरत है. केंद्र सरकार से विनती है की 730 मीट्रिक टन ऑक्सीजन हमें रोजाना उपलब्ध कराइये. 

Advertisement

जानकारी दी गई है कि हमदर्द नगर स्थित मजीदिया अस्पताल, वसंत कुंज स्थित इंडियन स्पाइनल अस्पताल आदि अस्पतालों से ऑक्सीजन कमी की शिकायत आई थी, लेकिन उसे तुरंत दुरुस्त कर दिया गया

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement