दिल्ली की आजादपुर मंडी में कोरोना वायरस के 11 केस, व्यापारियों में डर

दिल्ली की आजादपुर मंडी में व्यापारी कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण की वजह से दहशत में हैं. संक्रमण के डर से कई व्यापारियों ने कारोबार बंद कर दिया है, वहीं कुछ व्यापारी अब भी बाजार आ रहे हैं. आजादपुर मंडी में कुल संक्रमण के 11 मामले सामने आ चुके हैं.

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आजादपुर मंडी में लगातार बढ़ रहे हैं संक्रमण के केस (तस्वीर- आज तक) आजादपुर मंडी में लगातार बढ़ रहे हैं संक्रमण के केस (तस्वीर- आज तक)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 29 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 7:44 PM IST

  • आजादपुर मंडी में बढ़ रहे हैं संक्रमण के केस
  • व्यापारियों में कोविड-19 की दस्तक से दहशत
दिल्ली की सबसे बड़ी फल और सब्जी मंडी आजादपुर में कोरोना वायरस संक्रमण के केस तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. एशिया की इस सबसे बड़ी मंडी में कोरोना के 11 मामले सामने आ चुके हैं. ऐसे में आजादपुर मंडी में काम करने वाले कारोबारी दहशत में हैं. यही वजह है जिसके चलते कई व्यापारियों ने अपने व्यापार को पूरी तरह से बंद करके मंडी में लॉकडाउन कर दिया है. हालांकि कुछ व्यापारी मंडी में कारोबार करने के लिए अभी भी आ रहे हैं.

आजादपुर मंडी के एसोसिएशन मेंबर अनिल मल्होत्रा की माने तो राजधानी दिल्ली में हॉटस्पॉट की संख्या 100 तक पहुंच गई है. एक गली में भी अगर कोरोना का एक मामला आता है तो सरकार उस पूरी गली को हॉटस्पॉट बना देती है.

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आजादपुर मंडी में पिछले 1 हफ्ते में 15 से ज्यादा मामले कोरोना पॉजिटिव के आ चुके हैं बावजूद इसके यहां पर काम करने वाले मजदूरों और दुकानदारों की जान जोखिम में डालकर मंडी को चलाया जा रहा है.

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मंडी कारोबारियों की मानें तो हरियाणा ने दिल्ली में बढ़ते मामलों को देखकर सब्जियां भेजनी बंद कर दी हैं. हरियाणा से रोजाना मंडी में हरी सब्जियां आती थीं लेकिन सब्जियों के ना आने से 20 प्रतिशत मंडी में दाम कम हो गए हैं. कारोबारियों का मानना है कि अगर आजादपुर मंडी को 1 हफ्ते के लिए बंद कर दिया जाए तो दिल्ली में सब्जियों की आपूर्ति ओखला नरेला मंडी से भी हो सकती है.

व्यापारी खुद बंद कर रहे अपनी दुकान

अनिल मल्होत्रा का ये भी कहना है कि सरकार के पास ना तो कोई प्लान है और ना ही मंडी को किसी और खुले इलाके में चलाने की व्यवस्था. यही वजह है कि जिसके कारण व्यपारी खुद अपनी दुकानों को बंद कर दे रहे हैं जिससे संक्रमण गलियों और मोहल्लों तक ना पहुंचे.

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दरअसल व्यापारियों का तर्क है कि गलियों और कॉलोनियों में जो सब्जी वाले सब्जी बेचने के लिए आते हैं वह मंडियों से ही सब्जी खरीदते हैं. अगर उनमें कोरोना संक्रमण हुआ तो वह गली और कॉलोनी के लोगों को भी अपनी चपेट में ले सकते हैं जो काफी खतरनाक होगा.

किसानों को करना पड़ रहा 2 दिन का इंतजार

मंडी में आलम कुछ ऐसा है कि दूसरे राज्यों से सब्जी और फल बेचने आने वाले किसानों को 2 दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है. अपनी गाड़ियों को खाली करने पर कारोबारी मंडी में मौजूद नहीं है, ऐसे में वह अपना माल नहीं भेज पा रहे हैं. किसानों की मानें तो पहले वह अपनी गाड़ी 2 घंटे में खाली कर दिया करते थे लेकिन अब काफी वक्त लग रहा है.

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मंडी में स्वास्थ्य सेवाओं की नहीं है तैयारी

मंडी कारोबारियों की मानें तो फल और सब्जी मंडी में सरकार की तरफ से कारोबारियों और उनके अंडर काम करने वाले मजदूरों कि कोई भी स्वास्थ्य सेवा को लेकर कोई तैयारी नहीं है. ना इन दुकानदारों का टेस्ट किया जा रहा है और ना ही मजदूरों का. ऐसी स्थिति तब है जब एक दुकानदार की कोरोना वायरस से मौत हो चुकी है और कई व्यपारी संक्रमित हो चुके हैं.

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