दिल्ली में 10 हजार सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की नौकरी गई! आदेश पर LG-दिल्ली सरकार भिड़ी

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को पिछले 6-7 महीने से वेतन नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया. साथ ही इस बात पर भी नाराजगी जाहिर की कि इस मामले में फाइल उनके पास भेजी गई थी, जबकि मंत्री/मुख्यमंत्री इस मामले में खुद निर्णय लेने में पूर्णतः सक्षम थे.

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LG वीके सक्सेना और दिल्ली सरकार एक बार फिर भिड़ गए हैं LG वीके सक्सेना और दिल्ली सरकार एक बार फिर भिड़ गए हैं

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 27 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 10:13 PM IST

10 हजार सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की नौकरी को लेकर एलजी वीके सक्सेना और दिल्ली सरकार आमने-सामने आ गए हैं. दिल्ली में लगभग 10 हजार सिविल डिफेंस वालंटियर्स (CDV) को बर्खास्त कर दिया गया है. दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सभी सिविल डिफेंस वालंटियर्स की सेवाएं एक नवंबर से समाप्त करने के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. वहीं दिल्ली सरकार ने इसका विरोध किया है. साथ ही कहा कि अगर उपराज्यपाल ने सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को हटाया तो दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी.

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सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की अवैध भर्ती और तैनाती को खत्म करने के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए एलजी सक्सेना ने उनकी आजीविका को लेकर गंभीर चिंता भी व्यक्त की. इसके साथ ही सीएम केजरीवाल को निर्देश दिए कि जिन सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स ने अपनी नौकरी खो दी हैं, उन्हें होम गार्ड के रूप में नियुक्ति के लिए विचार किया जाना चाहिए. जिनमें से लगभग 10,000 पद हैं. 

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को पिछले 6-7 महीने से वेतन नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया. साथ ही इस बात पर भी नाराजगी जाहिर की कि इस मामले में फाइल उनके पास भेजी गई थी, जबकि मंत्री/मुख्यमंत्री इस मामले में खुद निर्णय लेने में पूर्णतः सक्षम थे. उपराज्यपाल ने फ़ाइल में लिखा है कि मेरी राय में आजीविका संबंधी चिंताएं किसी भी सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर होनी चाहिए. इस बात पर विवाद नहीं किया जा सकता है कि सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं, उन्हें स्वयंसेवी कोर में काम करने के दौरान रोजगार का अवसर मिलता है. लिहाजा ऐसे रास्ते तलाशे जाने चाहिए, ताकि उन्हें रोजगार मिलता रहे.

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LG ने कहा कि ऐसा न हो कि इस तरह की भागीदारी समाज के अन्य वर्गों, विशेषकर एसटी/एससी/ओबीसी और EWS केटेगरी के साथ राजनीतिक पक्षपात का तरीका न बन जाए. उन्होंने कहा कि मैं मौजूदा प्रावधानों और नियमों के अनुसार उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की नियुक्ति का सुझाव देता हूं, जो आपदा प्रबंधन पर राज्य की क्षमता को मजबूत करेगा और साथ ही योग्य उम्मीदवारों के लिए लाभकारी रोजगार के विकल्प सुनिश्चित करेगा.

उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही होमगार्ड के महानिदेशक को पहले चरण में उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए बड़ी संख्या में होम गार्ड की भर्ती करने का निर्देश दिया है और ये काम इस साल दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है. ये काम मौजूदा प्रावधानों के अनुसार अनुभवी सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को रोजगार प्रदान करने के लिए किया जा सकता है, ताकि नौकरी जाने से उन्हें होने वाली कठिनाई को कम किया जा सके.

एलजी ने सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को लंबे समय से सैलरी न मिलने पर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई. साथ ही कहा कि यह मेरी समझ से परे है कि सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के लंबित भुगतान की मंजूरी के लिए यह फाइल मेरे पास क्यों भेजी गई है, जबकि वित्त और राजस्व विभाग के प्रभारी मंत्री ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए इसे पहले ही मंजूरी दे दी है.

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सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की सेवाएं समाप्त करने पर एलजी की मुहर के बाद दिल्ली सरकार के सूत्रों ने कहा कि अगर LG ने सिविल सीवीडी को हटाया तो हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. साथ ही कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए बस मार्शल्स भी ज़रूरी है. महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा.

इस पर एलजी ने पलटवार किया है. एलजी की ओर से कहा गया है कि दिल्ली सरकार के "सूत्र" झूठ बोल कर भ्रमित कर रहे हैं. सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को हटाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री केजरीवाल का है. उप राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. लेकिन इस प्रस्ताव पर मंजूरी देते हुए उप राज्यपाल ने CDV की आजीविका का सवाल उठाया और मुख्यमंत्री को निर्देश दिए कि जिन सीवीडी को निकाला जा रहा है, उनकी भर्ती होम गार्ड के लिए मंजूर किए गए पदों पर की जाए. इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या दिल्ली सरकार मुख्यमंत्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी? 

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