दिल्ली के कंझावला में अंजलि सिंह की मौत मामले में हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. मामले में चश्मदीद निधि के बयानों से भी केस काफी उलझता नजर आ रहा है. इसी क्रम में दिल्ली पुलिस शुक्रवार को निधि को लेकर उन जगहों पर पहुंची जहां दोनों उस दिन गईं थीं. सबसे पहले पुलिस निधि को लेकर उस होटल में पहुंची जहां 31 दिसंबर के दिन उसने अंजलि के साथ पार्टी की थी.
होटल से निकलने के बाद निधि और अंजलि स्कूटी से किस रूट से निकले. किन रास्तों से होते हुए वे घटनास्थल तक पहुंचे, पुलिस निधि को लेकर हर जगह गई. इसी के साथ पुलिस ने दिल्ली-सोनीपत बॉर्डर के तमाम सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले. क्योंकि गिरफ्तार हुए 7 में से 4 आरोपियों (कार सवार) की लोकेशन सोनीपत के पास मुरथल की मिली थी. फिलहाल पुलिस इस मामले में गहनता से जांच कर रही है.
वहीं, कंझावला मौत मामले के बाद दिल्ली में SHO, ATO, ब्रावो को अपने लाइव स्थान साझा करने के लिए कहा गया है. रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक उन्हें लाइव लोकेशन के साथ अपनी पोजीशन अपडेट करनी होगी. डीसीपी की अनुमति के बिना कोई पुलिस कर्मी थाने से बाहर नहीं जा सकता.
क्या अंजलि के हत्यारों को पहले से जानती थी निधि
मीडिया रिपोर्ट्स में अंजलि की दोस्त निधि के नशा तस्करी में पकड़े जाने का दावा किया जा रहा है. वहीं इस मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भी ट्वीट कर निधि की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने ट्वीट किया- निधि पर जो गांजा तस्करी की FIR दो साल पहले यूपी में दर्ज हुई थी, उसमें निधि ने पुलिस को बताया कि वो दीपक नाम के व्यक्ति के लिए गांजा तस्करी करती थी. अंजलि की हत्या में से एक आरोपी का नाम भी दीपक है. क्या ये दोनों दीपक एक हैं? क्या निधि #Anjali के हत्यारों को पहले से जानती थी?
शक के घेरे में आई निधि
बता दें, अंजलि की मौत का मामला सुलझने की बजाय उलझता ही जा रहा है. अंजलि की मौत के 72 घंटे बाद ये तथ्य सामने आया था कि उस वक्त अंजलि के साथ एक और लड़की स्कूटी पर थी और इसके बाद निधि सामने आई थी. हादसे के समय अंजलि के साथ स्कूटी पर सवार रही निधि हादसे के बाद चुपचाप मौके से निकल ली और न पुलिस, ना ही किसी दोस्त को इस संबंध में कोई जानकारी दी. सीसीटीवी फुटेज से जब उसके अंजलि के साथ होने का खुलासा हुआ, तब वह सामने आई और एक के बाद एक कई खुलासे किए.
क्या है पूरा मामला
दिल्ली के कंझावला रोड पर एक कार के नीचे शव फंसा था और गाड़ी करीब 12 किलोमीटर तक शव के साथ सड़कों पर दौड़ती रही. 31 दिसंबर की देर रात हुए हादसे में कार के नीचे फंसा शव अंजलि का था. इस घटना को लेकर हंगामा मचा तो दिल्ली पुलिस एक्टिव मोड में आई और पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही कार को भी अपने कब्जे में ले लिया. पुलिस अब तक इस मामले में सात आरोपियों को पकड़ लिया है.
अरविंद ओझा