छत्तीसगढ़ में पिछले पंद्रह सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस ने बीजेपी को घेरने के लिए नया पैंतरा आजमाया है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल का आरोप है कि चौथी बार सत्ता में आने के लिए बीजेपी अब तंत्र-मंत्र का सहारा ले रही है. वहीं बीजेपी ने इसे कांग्रेस का मानसिक दीवालियापन करार दिया है.
दरअसल, रायपुर में स्थित विधानसभा में बुधवार को एक बाबा आए. ये बाबा और कोई नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के ही जांजगीर चांपा जिले के एक मंदिर के पुजारी हैं और बीजेपी के सक्रिय कार्यकर्त्ता भी हैं. बताया जाता है कि ये बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए निकले थे, और कुछ देर रायपुर में रुकने के बाद अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए. लेकिन कांग्रेस को अंदेशा है कि बाबा तंत्र-मंत्र करके विधान सभा से निकले हैं.
छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही अपने नियमित समय पर शुरू हुई. लेकिन सदन के बाहर विधानसभा के गलियारे में कांग्रेसियों के बीच इस बात की खूब चर्चा रही कि बीजेपी चौथी बार सत्ता में आने के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा ले रही है. जितनी मुंह उतनी बात. लेकिन किसी ने भी तंत्र-मंत्र होते नहीं देखा.
बता दें कि बुधवार को एक बाबा दान दक्षिणा के चक्कर में विधानसभा परिसर में पहुंचे थे. विधायकों और मंत्रियों के दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद बाबा वापस लौट गए. इस बात की किसी को जानकारी नहीं है कि उन्हें किसी ने दान-दक्षिणा दी या नहीं दी. लेकिन बाबा अमरनाथ यात्रा में जाने की बात कहकर लोगों से आर्थिक सहायता की मांग कर रहे थे. फिर वे करीब 35-40 मिनट तक परिसर में नेताओं और विधायकों की खोजबीन करते रहे. इसके बाद वो विधानसभा से वापस चले गए.
लेकिन कांग्रेस को अंदेशा है कि ये बाबा दान-दक्षिणा के लिए नहीं बल्कि तंत्र-मंत्र के लिए विधानसभा आए थे. ताकि चौथी बार बीजेपी फिर सत्ता में काबिज हो जाए. कांग्रेस का आरोप है कि बाबा यहां तंत्र-मंत्र करके गए हैं. कांग्रेस का यह भी आरोप है कि चौथी बार सत्ता में आने के लिए बीजेपी तांत्रिक क्रियाओं का सहारा ले रही है.
वहीं विधानसभा परिसर के अंदर बाहर किसी ने भी बाबा को ना तो तंत्र-मंत्र करते देखा है और ना ही पूजा-पाठ. विधानसभा में विधायकों , नेताओं, अफसरों और पत्रकारों के अलावा आम जनता का पूरे समय आना-जाना लगा रहता है. आम जनता सदन की कार्यवाही देखने के लिए यहां आती है. जबकि पुलिस और विधान सभा के सुरक्षा अधिकारियों की भी चौबीसों घंटे विधान सभा परिसर में तैनाती रहती है. इतने भारी-भरकम जमावड़े के बीच किसी ने भी बाबा को तंत्र-मंत्र करते नहीं देखा. सुरक्षा की दृष्टि से लगे किसी भी कैमरे में ऐसे कोई दृश्य नहीं पाए गए. विधानसभा परिसर के अंदर बाहर कही भी ऐसे कोई प्रमाण नहीं मिला है, जिससे पता चलता हो कि यहां कोई तंत्र-मंत्र या पूजा-पाठ हुआ हो.
कांग्रेस खुद भी कोई ऐसे प्रमाण नहीं दे पाई है, जिससे तंत्र-मंत्र की पुष्टि हो. लिहाजा, बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को लेकर उस पर पलटवार किया है. पार्टी की दलील है कि लगातार पंद्रह सालों से सत्ता से बाहर रहने के कारण कांग्रेसी ना केवल अंधविश्वासी हो गए हैं बल्कि उनकी बुद्धि भी भ्रष्ट हो गई है. विधायक राजू क्षत्रीय ने कांग्रेसियों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे तंत्र-मंत्र का कोई एक प्रमाण तो दे. उन्होंने कहा कि विधान सभा सार्वजनिक स्थल है. यहां अपने नेताओं और विधायकों को सदन की कार्यवाही में सहभागी बनते देखने के लिए आम जनता अक्सर आती है. ढेरों लोगों के बीच इस तरह के आरोप लगाना कांग्रेस को शोभा नहीं देता.
कौन हैं बाबा?
विधानसभा में पहुंचे इस बाबा का नाम रामलाल है, जो की छत्तीसगढ़ के चांपा जांजगीर जिले के रहने वाले हैं. बताया जाता है कि वो बीजेपी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और एक मंदिर के पुजारी भी. रामलाल को गले में ढेरों मालाएं और हाथों की सभी उंगलियों में कई अंगूठियां पहनने का शौक है. वह अक्सर माथे पर लाल टीका और भगवा वस्त्र पहनते हैं. बताया यह भी जाता है कि उनके गले में पत्थरों और नगों की मालाओं का भार 10 किलो के लगभग है. वह जितने समय विधानसभा परिसर में रहे लोगों की निगाहें उन पर लगी रहीं. तंत्र-मंत्र के सबूत सामने नहीं आने से बीजेपी ने कांग्रेस को सीख दी है कि चुनावी काम-काज और विकास से जीते जाते है न कि तंत्र-मंत्र से.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा का यह आखिर सत्र है. इसके बाद राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले है. ऐसे में लगातार पंद्रह सालों से सत्ता पाने के लिए कांग्रेस, अपने मुख्य विरोधी दल की हर एक गतिविधियों पर निगाह लगाए बैठी है. भले ही वो राजनीतिक गतिविधियां हो या फिर नेताओं और बाबाओं का आगमन.
मोनिका गुप्ता / सुनील नामदेव