बिहार के अररिया में हुए पत्रकार विमल यादव हत्याकांड का मुख्य शूटर अर्जुन शर्मा पुलिस के हत्थे चढ़ गया है. उसे सोमवार देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में कुल 8 आरोपियों के नाम एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें से अब तक 7 को पुलिस अरेस्ट कर चुकी है.
हत्याकांड में शामिल दूसरा मुख्य शूटर और आठवां आरोपी माधव यादव अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है. पुलिस के मुताबिक घटना के बाद उन्होंने 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. इसमें से 4 को 24 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया था. मुख्य शूटर अर्जुन शर्मा को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी एसपी अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में हुई.
पत्नी को पड़े मिले थे लहूलुहान
वारदात को 18 अगस्त की सुबह साढ़े चार बजे के करीब अंजाम दिया गया था. उस वक्त विमल सो रहे थे. बदमाशों ने दरवाजा खटखटाने पर वे गेट खोलने बाहर निकले थे. जैसे ही दरवाजा खुला बदमाशों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था. गोलियों की आवाज सुनकर विमल की पत्नी पूजा देवी बाहर निकलीं तो पति लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़े थे. जिसके बाद पूजा देवी ने चिल्लाकर आसपास के लोगों को बुलाया था. लोगों ने फौरन रानीगंज थाना को सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची. विमल को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वहां से शव को पोस्टमार्टम के लिए अररिया सदर अस्पताल भेज दिया गया.
पत्रकार की पत्नी ने बताई थी वारदात
विमल यादव की पत्नी पूजा देवी ने बताया था कि कुछ लोग दरवाजे पर आए थे और पप्पू भैया-पप्पू भैया कहकर आवाज लगा रहे थे. जब वो दरवाजा खोलने गए तो गोली की आवाज आई. मैं भागकर पीछे से पहुंची तो देखा विमल जमीन पर लहूलुहान हालत में जमीन पर गिरे थे. उनके सीने में गोली लगी थी. वो मेरा नाम पुकार रहे थे- पूजा रे, पूजा रे... हमको मार दिया. कहते-कहते बेहोश हो गए. फिर सबकुछ खत्म हो गया. पत्नी के मुताबिक, 2019 में विमल के भाई की भी इसी तरह हत्या हुई थी. इस केस में विमल मुख्य गवाह थे. उनके भाई का मर्डर केस अभी कोर्ट में चल रहा है. मुख्य गवाह होने के कारण बदमाशों ने विमल की हत्या कर दी. विमल ने पहले भी अपनी जान को खतरा बताया था.
रोहित कुमार सिंह