बिहार सरकार ने आपदा प्रबंधन और महामारी कानून के अंतर्गत इन सभी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है. इसी बाबत सरकार ने इन सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी किया है. जानकारी के मुताबिक 31 मार्च से 12 अप्रैल के बीच प्रदेश के 37 जिलों में कार्यरत इन सभी डॉक्टरों को औचक निरीक्षण के दौरान ड्यूटी से गायब पाया गया.
पटना जिले में अकेले ऐसे 25 डॉक्टर मिले जो 31 मार्च से 12 अप्रैल के बीच अपने कार्यस्थल से नदारद थे. डॉक्टरों की लापरवाही को देखते हुए अब बिहार सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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31 मई तक रद्द हैं मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां
सरकार ने इन डॉक्टरों से जवाब-तलब करके पूछा है कि आखिर ड्यूटी के दौरान यह सभी अपने कार्यस्थल से गायब क्यों हुए थे. गौरतलब है कि बिहार सरकार ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे डॉक्टरों की छुट्टियां 31 मई तक रद्द कर दी है. डॉक्टरों के साथ नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की भी छुट्टियां 31 मई तक रद्द कर दी गई हैं.
बिहार में अब तक 536 लोग कोरोना संक्रमित
बिहार में कोरोना वायरस ने तेजी से पांव पसारा है. अब तक कोरोना की वजह से 536 लोग संक्रमित हो गए हैं, वहीं 142 लोग इलाज के बाद ठीक हो गए हैं. बिहार में कोरोना के चलते 4 लोगों की मौत भी हुई है.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें
देशभर में कोरोना वायरस के एक्टिव मामलों की संख्या 31,967 पहुंच गई है. अब तक संक्रमण से ठीक होने के बाद 13,160 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं. 1,583 लोगों की मौत हो गई है. भारत में अब तक कुल 46,711 लोग कोरोना संक्रमित हो गए हैं.
रोहित कुमार सिंह