बिहार में 40 सीटें, NDA के 4 दल और सीट बंटवारे के चार फॉर्मूले

बिहार में एनडीए के सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे का पेंच फसा हुआ है. ऐसे में राज्य की 40 लोकसभा सीटों के लिए एनडीए में चार दल हैं और चार ही फॉर्मूला है जिसके जरिए सीटों के तालमेल का समझौता हो सकता है.

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सुशील मोदी, नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, रामविलास पासवान सुशील मोदी, नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, रामविलास पासवान

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 03 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 1:03 PM IST

बिहार में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में चार दल शामिल हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर इन सभी दलों के बीच घमासान मचा हुआ है. राज्य में कुल 40 संसदीय सीटें हैं. ऐसे में बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी और आरएलएसपी के बीच सीटों के सटीक फॉर्मूले पर मंथन चल रहा है, लेकिन अभी तक इन दलों के बीच आपसी सहमति का सही रास्ता निकलता नजर नहीं आ रहा है.

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बता दें कि पिछले साल जुलाई 2017 में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरजेडी से नाता तोड़कर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में वापसी की थी. जेडीयू के आने के बाद से एनडीए के बाकी तीनों दलों के बीच सीट को लेकर तालमेल नहीं बन पा रही है. अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में एनडीए के सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे के चार फॉर्मूला सुझाए गए हैं.

फॉर्मूला नंबर वन

बीजेपी एनडीए में सहयोगी दलों के बीच समाधान के लिए अलग-अलग फॉर्मूले पर काम कर रही है. ऐसे में पहला रास्ता ये है कि बीजेपी अपनी जीती हुई 21 सीटों से दो छोड़ सकती है, लेकिन आरएलसपी के 1 बागी सांसद बीजेपी के साथ हैं. इस तरह बीजेपी 20, एलजेपी 6 और आरएलएसपी को 2 सीटें मिल सकती हैं. इस तरह बाकी बची 12 सीटें जेडीयू के खाते में आएंगी. हालांकि इस फॉर्मूले पर जेडीयू का तैयार होना मुश्किल है, क्योंकि बिहार में नीतीश कुमार को बड़े भाई की भूमिका की बात उनकी पार्टी कह चुकी है. ऐसे में वह एनडीए में सबसे ज्यादा सीटों की उम्मीद लगाए हुए हैं.

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फॉर्मूला नंबर टू

बिहार बीजेपी जेडीयू का साथ किसी भी सूरत में छोड़ना नहीं चाहती है. ऐसे में बीजेपी के सामने दूसरा रास्ता ये है कि वह अपनी जीती हुई 4 सीटें छोड़े. इस तरह से बीजेपी 18 सीट पर चुनाव लड़े. जेडीयू 14, एलजेपी 6 और आरएलएसपी 2 को सीटें मिल सकती हैं. इस तरीके से सीटों के बंटवारे पर भले ही जेडीयू मान जाए, लेकिन आरएलएसपी तैयार हो ये मुश्किल हैं, क्योंकि 2014 में उसके खाते में 3 सीटें आई थीं.

फॉर्मूला नंबर थ्री

आरएलएसपी के तेवर को देखकर लगता है कि वो एनडीए से बाहर हो सकती है. ऐसे हालात बनते हैं तो बीजेपी 20. जेडीयू 14 और एलजेपी 6 सीटें खाते में आ सकती हैं. ये फॉर्मूला ऐसा है जिस पर सभी सहमत हो सकते हैं, क्योंकि नीतीश कुमार के रामविलास पासवान से अच्छे संबंध हैं. RLSP से डील करना बीजेपी के लिए आसान काम नहीं होगा, जो लोकसभा में ज्यादा सीटें चाहती हैं.

फॉर्मूला नंबर फोर

एनडीए के सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे का चौथा फॉर्मूला ऐसा है जिसके तहत बीजेपी और जेडीयू राज्य 20-20 लोकसभा सीटें बांट लें. इसके बाद बीजेपी अपने खाते से आरएलएसपी को सीटें दो और जेडीयू अपने खाते की सीटों में से एलजेपी को सीटें दे. इस तरह दोनों बड़े दल अपने छोटे सहयोगी दलों के साथ सहमति बनाए.

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