पेड़-पौधों की देखभाल करने से कैसे ठीक रहेगी मेंटल हेल्थ, जानें इसके पांच चौंकाने वाले फायदे

पेड़-पौधों के बीच रहना और उनकी देखभाल करना इंसान की मानसिक सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. गार्डनिंग करने से तनाव कम होता है और एंग्जाइटी व डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी कम होती हैं. आइए जानते हैं कि पेड़-पौधों की देखभाल करने से मेंटल हेल्थ कैसे ठीक रहती है.

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Mental Health Problems (Image: Freepik) Mental Health Problems (Image: Freepik)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 5:04 PM IST

क्या आप जानते हैं कि पेड़-पौधों की देखभाल करने से मेंटल हेल्थ दुरस्त रहती है. गार्डनिंग करने से तनाव कम होता है और एंग्जाइटी व डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी कम होती हैं. दरअसल, बागवानी करते समय लोग मिट्टी में हाथ डालते है और मिट्टी एंटी-डिप्रेशन की मेडिसिन की तरह काम करती है, जिससे स्ट्रेस और डिप्रेशन के लक्षण कम होते हैं.

गार्डनिंग करने से दिमाग के कार्य करने की क्षमता और एकाग्रता भी बढ़ती है. जब हम पेड़-पौधों की देखभाल करते हैं तो इससे खुशी मिलती है, जिससे दिमाग शांत रहता है और मेंटल हेल्थ प्रोब्लम से छुटकारा मिलता है. 

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पेड़-पौधों की देखभाल करने से कैसे दुरस्त होती है मेंटल हेल्थ?


1. स्ट्रेस से मुक्ति- कई स्टडी में ये साबित हो चुका है कि पेड़-पौधों की देखभाल करने से दिमाग का स्ट्रेस लेवल कम होता है. पौधों का हरा रंग दिमाग को शांति प्रदान करता है, जिससे एंग्जाइटी और डिप्रेशन नहीं होता.

2. मूड का बेहतर होना- प्लांट्स में इंसान के मूड को अच्छा करने की शक्ति होती है. पत्तों और फूलों के रंग व्यक्ति को खुशी का अहसास कराते हैं. इसके अलावा प्लांट्स की देखभाल करने से दिमाग में डोपामाइन का लेवल बढ़ता है, जिससे इंसान का मूड बेहतर होने लगता है. 

3. कार्य क्षमता का बढ़ना- पेड़-पौधों को अपने घर में रखने से इंसान की कार्य क्षमता और एकाग्रता भी बढ़ती है. एक स्टडी के मुताबिक, पौधों के हरे रंग से दिमाग की कार्य शैली और क्रिएटिविटी में बढ़ोतरी होती है. 

4. इमोशनल सपोर्ट देना- प्लांट्स व्यक्ति को भावनात्मक रूप से भी सपोर्ट देते हैं. खासकर ऐसे लोगों को जो अकेलेपन से जूझ रहे हैं. पेड़-पौधों की देखभाल करने से मन में खालीपन का भाव नहीं आता और ये इंसान को इमोशनल सपोर्ट भी देते हैं. 

5. उद्देश्य की भावना को जागृत करना- प्लांट्स की देखभाल करने से इंसान के अंदर जिम्मेदारी निभाने की भावना आती है. इसके अलावा व्यक्ति को अपने जीवन का उद्देश्य पूरा करने की भी प्रेरणा मिलती है. 

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