"मेरा अब्दुल अलग है"- 'लव जिहाद' के संदर्भ में अक्सर लोग ये वाक्य इस्तेमाल करते हैं. इसके जरिए वो तंज कसते हैं कि हिंदू लड़कियों को शुरू में तो अपना मुस्लिम प्रेमी या पति बहुत अच्छा लगता है, लेकिन कुछ समय बाद वो अपने फैसले पर पछताती हैं.
सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो के साथ कुछ ऐसा ही कहा जा रहा है. वीडियो की शुरुआत में शालिनी यादव नाम की एक लड़की अपना आधार कार्ड दिखाते हुए बता रही है कि उसने घर से भागकर मोहम्मद फैसल नाम के लड़के से शादी कर ली है.
लेकिन, पोस्ट के अनुसार, वीडियो के दूसरे हिस्से में यही लड़की रोते हुए बताती है कि अब उसका पति बदल गया है. वो उस पर धर्म बदलने का दबाव डालता है और मारपीट करता है. साथ ही वो उसे जबरन भैंस का मांस भी खिलाता है.
फेसबुक और ट्विटर पर यह वीडियो तमाम लोग पोस्ट कर चुके हैं. इसे शेयर करते हुए लोग लड़की पर तंज कस उसका मजाक उड़ा रहे हैं. वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
"आजतक फैक्ट चेक" ने पाया कि वीडियो के दोनों हिस्सों में दिख रही लड़कियां अलग-अलग हैं.
जहां वीडियो के दूसरे हिस्से में दिख रही लड़की ने सचमुच एक मुस्लिम लड़के से शादी के बाद पछताने की बात कही थी, वहीं पहले हिस्से में दिख रही लड़की के मामले में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई थी.
कैसे पता की सच्चाई?
पहले वीडियो के बारे में कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमें इससे संबंधित कई खबरें मिलीं. बीबीसी की 26 अगस्त, 2020 की एक खबर में बताया गया है कि कानपुर की रहने वाली शालिनी यादव नाम की एक लड़की ने मोहम्मद फैसल नाम के युवक से शादी की थी. शादी के बाद शालिनी के परिवार ने बेटी के अपहरण की रिपोर्ट लिखवाई थी.
लेकिन शालिनी ने एक वीडियो (वायरल वीडियो) जारी कर बताया था कि उसने फैसल से अपनी मर्जी से शादी की और धर्म परिवर्तन करके फातिमा नाम रख लिया है.
हालांकि, शालिनी के परिजनों का फिर भी यही कहना था कि फैसल उनकी लड़की को बहला-फुसलाकर ले गया.
परिवारवालों ने ये भी कहा था कि शालिनी ने अपनी मां से फोन पर उसे बचाने की अपील की थी. लेकिन वीडियो में शालिनी ने ये कह दिया कि वो दिल्ली में पुलिस के पास अपना बयान दर्ज करा चुकी है.
सिर्फ परिवार ही नहीं, शालिनी की शादी से कुछ हिंदू संगठन भी खफा थे और उसके पति पर “लव जिहाद” करने का आरोप लगा रहे थे. इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर “लव जिहाद” पर बहस शुरू हो गई थी.
लेकिन नवंबर 2020 में एनडीटीवी से बात करते हुए शालिनी ने दोबारा इन आरोपों को नकार दिया था. उन्होंने साफ तौर पर ये कहा था कि उन्हें शादी के लिए बहलाया-फुसलाया नहीं गया.
हमने इस मामले में शालिनी और उनके परिवार वालों से भी संपर्क करने की कोशिश की है. अगर उनका कोई जवाब आता है तो इस खबर को अपडेट किया जाएगा.
क्या है वीडियो के दूसरे हिस्से की कहानी?
दूसरे वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें इसका असली और लंबा वर्जन 16 मई, 2020 के एक ट्वीट में मिला. इस वीडियो में लड़की का पूरा चेहरा दिख रहा है. इससे ये बात यहीं साफ हो जाती है कि ये लड़की पहले वीडियो में दिख रही शालिनी यादव नहीं है.
पूरे वीडियो में लड़की बता रही है कि उसका नाम नेहा है और वो दिल्ली के बुराड़ी की रहने वाली है. आगे वो बताती है कि दो साल पहले (2018 में) नफीस खान नाम के एक आदमी ने प्यार के जाल में फंसा कर उससे शादी कर ली थी.
नेहा के मुताबिक, शादी से पहले नफीस ने उससे झूठे वादे किए थे कि उसे धर्म बदलने की जरूरत नहीं है, उसे उसके पूजा-पाठ करने से भी कोई ऐतराज नहीं है. लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद ही वो उसे धर्म बदलने के लिए परेशान करने लगा, नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाने लगा. नेहा के मना करने पर उसके साथ वो मार-पीट करता. उसे जबरन मांस खिलाता. नेहा ने इस वीडियो में पूरी आपबीती बताई थी.
इस वीडियो के वायरल हो जाने के बाद करुणेश शुक्ला नाम के एक वकील ने नेहा की मदद की थी. करुणेश ने ट्विटर पर बताया था कि उनकी शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में नफीस खान के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.
10 जून, 2020 को नॉर्थ दिल्ली पुलिस ने ट्विटर पर जानकारी दी थी कि इस मामले को “क्राइम अगेंस्ट वूमेन” सेल देख रही है.
यहां निष्कर्ष ये निकलता है कि ये वीडियो पूरा सच नहीं दिखा रहा. वीडियो के दूसरे हिस्से में जो लड़की अपनी आपबीती बता रही है वो शालिनी यादव नहीं है. ये एक अलग मामला है जिसमें वाकई एक हिंदू लड़की ने अपने मुस्लिम पति पर परेशान करने के आरोप लगाए थे. शालिनी यादव के मामले में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई थी.
अर्जुन डियोडिया