सेल्फी ले रहीं लड़कियों का मोबाइल लेकर फुर्र हो जाने का एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. वीडियो में दो लड़कियों को एक चलती सड़क पर मोबाइल से सेल्फी लेते हुए देखा जा सकता है. इस बीच बाइक पर एक आदमी आता है और लड़कियों से मोबाइल छीन कर भाग जाता है. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह घटना उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर की है.
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. यह वीडियो पंजाब के जालंधर का और जनवरी 2020 का है.
इस वीडियो को शेयर करते हुए सोशल मीडिया यूजर्स कैप्शन में लिख रहे हैं, "और लो सेल्फी रोड पर (मेरठ) सिटी, U.P.". इसी कैप्शन के साथ यह वीडियो फेसबुक और ट्विटर पर काफी शेयर किया जा रहा है. मेरठ का बताते हुए इस वीडियो को पिछले साल भी कई लोगों ने शेयर किया था. वायरल ट्वीट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो को कुछ कीवर्ड की मदद से खोजने पर हमें "द ट्रिब्यून" के यूट्यूब चैनल पर यही वीडियो मिला. 20 जनवरी 2020 को अपलोड किए गए इस वीडियो के साथ बताया गया था कि ये घटना जालंधर की है. लड़कियों के साथ हुई मोबाइल चोरी की यह घटना इलाके में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई थी.
इस वीडियो को लेकर उस समय "डेली मेल" ने भी एक खबर प्रकाशित की थी. इस खबर में भी वीडियो को जालंधर का बताया गया है. इसके साथ ही दैनिक सवेरा और "SWNS" नाम के दो वेरीफाइड यूट्यूब चैनल्स ने भी इस वीडियो को जालंधर का बताते हुए अपलोड किया था.
"सोशल मीडिया जालंधर" नाम के एक फेसबुक पेज पर भी इस घटना का एक दूसरा सीसीटीवी फुटेज 15 जनवरी 2020 को अपलोड किया गया था जो दूसरी तरफ से रिकॉर्ड हुआ था. इस फेसबुक पोस्ट के अनुसार, ये वारदात जालंधर के रेड पेटल होटल के सामने हुई थी.
यहां हमारी तफ्तीश में साफ हो जाता है कि वीडियो के साथ गलत जानकारी दी जा रही है कि ये मेरठ का मामला है. मोबाइल चोरी का यह वीडियो एक साल से ज्यादा पुराना है और जालंधर का है.
अर्जुन डियोडिया