फैक्ट चेक: दो साल पुरानी तस्वीर के जरिये आचार्य बालकृष्ण के कोरोना संक्रमित होने का दावा

सोशल मीडिया पर योगगुरु बाबा रामदेव के सहयोगी और पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण की एक तस्वीर वायरल हो रही है. इस तस्वीर के जरिए दावा किया जा रहा है कि बालकृष्ण कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं और एम्स में भर्ती हैं.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
तस्वीर में देखा जा सकता है कि कैसे बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण का एम्स के ऑक्सीजन बेड पर कोरोना का इलाज चल रहा है.
सच्चाई
तस्वीर अगस्त 2019 की है जब बालकृष्ण की तबियत अचानक खराब हो गई थी और उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था. बालकृष्ण के मुताबिक, उन्हें कोरोना नहीं हुआ है और फिलहाल वे स्वस्थ हैं.

अर्जुन डियोडिया

  • नई दिल्ली,
  • 10 मई 2021,
  • अपडेटेड 4:11 PM IST

कोरोना की दूसरी लहर के बीच सोशल मीडिया पर योगगुरु बाबा रामदेव के सहयोगी और पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण की एक तस्वीर वायरल हो रही है. इस तस्वीर के जरिए दावा किया जा रहा है कि बालकृष्ण कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं और एम्स में भर्ती हैं. तस्वीर में देखा जा सकता है कि बालकृष्ण एक हॉस्पिटल के बेड पर ऑक्सीजन मास्क लगाए हुए लेटे हैं. साथ ही, पोस्ट में तंज करते हुए कहा गया है कि देश में लोगों को ऑक्सीजन और बेड के लिए जूझना पड़ रहा है लेकिन बालकृष्ण को एम्स में आराम से बेड मिल गया.

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वायरल पोस्ट में पतंजलि की 'कोरोनिल' टेबलेट की भी आलोचना की गई है. लिखा है कि जिस कोरोनिल को सरकार के मंत्री कोरोना की दवा बताकर बेच रहे थे उसने अपने मालिक का ही साथ नहीं दिया. दरअसल, इस साल फरवरी में जब 'कोरोनिल' को लॉन्च किया गया तब कार्यक्रम में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और हर्षवर्धन भी मौजूद थे.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. ये तस्वीर अगस्त 2019 की है जब बालकृष्ण की तबियत अचानक खराब हो गई थी और उन्हें ऋषिकेश के एम्स में भर्ती कराया गया था.

इस तस्वीर को शेयर करते हुए फेसबुक यूजर्स कैप्शन में लिख रहे हैं, "रामदेव के संगने बालकृष्ण को कोरोना: उस कोरोनिल ने अपने मालिक का ही साथ नहीं दिया. बालकृष्ण जी ऑक्सीजन ले रहे हैं एम्स में. ये मत पूछिएगा कि एम्स में उन्हें कैसे बेड मिल गया. कौन कह रहा था कि सिस्टम फेल है. ये सिस्टम है जो काम कर रहा है. सिस्टम जिनका होता है उनके लिए बेड ऑक्सीजन सब मिल जाता है. सिस्टम बालकृष्ण जैसों का है. वो आपको कोरोनिल देकर मार देंगे और खुद ऑक्सीजन के साथ बेड ले लेंगे". ऐसी ही कुछ पोस्ट ट्विटर पर भी लोगों ने शेयर की हैं. पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

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कैसे पता की सच्चाई?

कुछ कीवर्ड की मदद से हमें "अमर उजाला" की एक रिपोर्ट मिली जिसमें वायरल तस्वीर मौजूद थी. खबर के मुताबिक, 23 अगस्त 2019 को बालकृष्ण को सीने में दर्द महसूस हुआ और बेहोशी की आशंका हुई. इसी के चलते पहले बालकृष्ण को नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया और फिर आनन-फानन में उन्हें एम्स ऋषिकेश के आईसीयू में भर्ती किया गया. इस बारे में पतंजलि संस्थान का कहना था कि संभवत: आचार्य बालकृष्ण को फूड प्वाइजनिंग हुई थी.

इस बारे में कई और मीडिया संस्थाओं ने भी खबर प्रकाशित की थी. अगले ही दिन तबियत में सुधार आने के बाद बालकृष्ण को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया था.

वायरल पोस्ट को लेकर हमारी बात आचार्य बालकृष्ण से भी हुई. बालकृष्ण ने इंडिया टुडे को बताया कि उनको कोरोना होने की खबर झूठी है और वह पूरी तरह स्वस्थ हैं. हालांकि कुछ दिनों पहले ऐसी खबरें जरूर आईं थीं कि हरिद्वार स्थित पतंजलि की अलग-अलग संस्थाओं में कोरोना फैल गया है. लेकिन बाबा रामदेव और पतंजलि के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने इसे अफवाह बताया था. बाबा रामदेव का कहना था कि पतंजलि में एडमिशन लेने आये लोगों में से कुछ कोरोना संक्रमित पाए गए थे लेकिन इन लोगों को पतंजलि के मुख्य कैंपस में आने नहीं दिया गया था. इसके अलावा, उन्होंने कहा था कि पतंजलि में कोविड सेंटर बनाए गए हैं और बिना टेस्टिंग के किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता.

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यहां इस बात कि पुष्टि हो जाती है कि आचार्य बालकृष्ण की लगभग दो साल पुरानी तस्वीर के जरिए ये दावा किया जा रहा है कि वे कोरोना से संक्रमित हो गए हैं.

(देहरादून से दिलीप सिंह राठौर के इनपुट के साथ)

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