सड़क पर नमाज अदा करने वाले मुसलमानों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि दिल्ली में लॉकडाउन के दौरान भी इस तरह से नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.
फेसबुक यूजर “Ashish Mehta” ने यह वीडियो 14 मई, 2020 को पोस्ट किया है और साथ में लिखा है, “यह हालात दिल्ली के पटपड़गंज के रोड पर जो मस्जिद बनी हुई है उस पर सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है और अरविंद केजरीवाल बोल रहे हैं कि आप हमें सुझाव दो...हमें क्या करना चाहिए. शर्म आनी चाहिए केजरीवाल को...”
एक मिनट चार-सेकंड का यह वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है कि इसे एक चलती कार से शूट किया गया है. पीछे से आवाज आ रही है, जिसमें एक व्यक्ति को यह कहते सुना जा सकता है कि “ये दखो...यह रुकना चाहिए...क्या यहां कोरोना का डर नहीं है? इसको भी रुकना चाहिए. ये पटपड़गंज का इंडस्ट्रियल एरिया है और यह पुलिस के सामने हो रहा है...”
पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. यह वीडियो देशव्यापी लॉकडाउन लागू होने के पहले का है. संभवत: यह वीडियो 20 मार्च, 2020 को शूट किया गया है और 21 मार्च से इंटरनेट पर उपलब्ध है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च, 2020 को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी और अगले दिन से यह लागू हुआ था.
कई फेसबुक यूजर्स ने इस वीडियो को इसी दावे के साथ पोस्ट किया है कि दिल्ली में मुसलमान लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करते हुए सड़क पर नमाज अदा कर रहे हैं.
एक यूट्यूब चैनल “Sirf News” ने यह वीडियो 13 मई, 2020 को अपलोड किया है और कैप्शन में दावा किया है, “पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया में 13 मई 2020 को एक मस्जिद के पास पूर्वी दिल्ली के सैकड़ों मुसलमानों ने एक साथ नमाज अदा की. ऐसा करके उन्होंने खुद को और दूसरों के लिए अति संक्रामक कोरोना वायरस बीमारी के खतरे को बढ़ा दिया. देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान पूरे भारत में सामूहिक प्रार्थनाओं के ऐसे तमाम उदाहरण सामने आए हैं.”
The archived version can be seen here.
AFWA की पड़ताल
वायरल वीडियो में बैकग्राउंड से आती आवाज अचानक शुरू होती है और अचानक बंद होती है. इससे ऐसा लगता है कि यह वीडियो किसी लंबी वीडियो क्लिप का एक छोटा हिस्सा है.
रिवर्स इमेज सर्च और InVID की मदद से हमें वायरल वीडियो का लंबा वर्जन मिला, जिसे लॉकडाउन लागू होने के पहले ही कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अपलोड किया है.
ट्विटर यूजर “Rohtash Singh ” ने यह वीडियो 23 मार्च, 2020 को अपलोड किया था.
फेसबुक पेज “Adarsh Vyavastha Nirbhik Sangvidhan” नाम के पेज ने इस वीडियो का लंबा वर्जन अपलोड किया था. यह वीडियो 1 मिनट 27 सेकेंड का है. इस वीडियो में बैकग्राउंड से आवाज में सुना जा सकता है कि “आज 20 तारीख है...” यह वीडियो फेसबुक पर 21 मार्च, 2020 को पोस्ट किया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च, 2020 को कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी और उसके अगले दिन से पूरे देश में लागू हुआ था.
हम यह पता नहीं कर सके कि वीडियो शूट करने का सटीक दिन और समय क्या था, लेकिन देश में लॉकडाउन लागू होने से कुछ दिन पहले ही इसे अपलोड कर दिया गया था. इसलिए यह दावा गलत है कि लॉकडाउन के दौरान मुसलमान सड़क पर नमाज पढ़ रहे हैं.
हालांकि, देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी कई खबरें आई हैं कि लॉकडाउन के दौरान नियमों की अनदेखी करके लोग धार्मिक आयोजनों में एकत्र हुए.
चयन कुंडू