महाराष्ट्र में हाल ही में रामगिरी महाराज और बीजेपी विधायक नितेश राणे ने मुस्लिम समाज और पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादास्पद बयान दिए थे, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय काफी नाराज हो गया.
इन्हीं बयानों के खिलाफ एआईएमआईएम पार्टी के नेताओं ने शक्ति प्रदर्शन करने का ऐलान किया और 23 सितंबर को छत्रपति संभाजीनगर से लेकर मुंबई तक शक्ति प्रदर्शन करते हुए 'चलो मुंबई' रैली निकाली.
अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें किसी सड़क पर लोगों के जनसैलाब को देखा जा सकता है. देखने में ये मुंबई का मरीन ड्राइव इलाका लगता है. इंटरनेट पर लोग इस वीडियो को एआईएमआईएम की 23 सितंबर को निकाली गई रैली का बता रहे हैं. वीडियो को शेयर कर एक फेसबुक यूजर ने लिखा, “नबी के गुलामों के समुंदर का सैलाब उमड़ आया आज मुंबई में अपने हुज़ूर मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लाल्लाहो वसल्लम की मोहब्बत में @imtiaz_jaleel #ChaloMumbai #MarineDriveMumbai.” पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वीडियो का एआईएमआईएम पार्टी की रैली से कोई लेना-देना नहीं है. ये वीडियो 4 जुलाई को मरीन ड्राइव पर निकाली गई भारतीय क्रिकेट टीम की विजय परेड का है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर 4 जुलाई 2024 की एक पोस्ट में मिला. पोस्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, ये वीडियो मुंबई के मरीन ड्राइव का है जब भारतीय क्रिकेट टीम का स्वागत करने के लिए भारी तादाद में लोग वहां इकट्ठा हुए थे. इससे एक बात तो साफ होती है कि ये वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं बल्कि दो महीने से ज्यादा पुराना है.
कीवर्ड सर्च करने पर हमें वायरल वीडियो के स्क्रीनग्रैब्स न्यूज18 मराठी की 4 जुलाई 2024 को छपी एक रिपोर्ट में मिले. रिपोर्ट के मुताबिक, ये दृश्य 4 जुलाई का है जब टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम की मुंबई के मरीन ड्राइव पर विजय परेड निकाली गई थी. इस परेड को देखने के लिए लोग सुबह से ही मरीन ड्राइव पर आना शुरू हो गए थे.
ये वीडियो एंटरटेनमेंट कवर करने वाली मीडिया संस्था इंस्टेंट बॉलीवुड ने भी 4 जुलाई को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया था. यहां भी इसे भारतीय क्रिकेट टीम की मरीन ड्राइव पर निकाली गई विजय परेड का बताया गया है.
हालांकि, एआईएमआईएम पार्टी की 23 सितंबर वाली रैली में भी अच्छी खासी भीड़ पहुंची थी, लेकिन ये भीड़ 4 जुलाई की विजय परेड में आई भीड़ से काफी कम थी.
(रिपोर्ट - आशीष कुमार)
फैक्ट चेक ब्यूरो