किसी टीवी स्टूडियो में दो लोगों के बीच हुई मारपीट का वीडियो कई लोग ईरान का हालिया वाकया बताकर शेयर कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि वहां एक लाइव टीवी शो के दौरान सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के समर्थक आपस में भिड़ गए.
वीडियो में स्लेटी कोट पहने एक व्यक्ति अचानक मेज पर रखा गिलास तोड़ देता है और गुस्से में आकर खड़ा हो जाता है. वहां बैठी एंकर स्थिति संभालने की कोशिश करती है लेकिन बात नहीं बनती. वहीं मौजूद काले कोट वाला एक शख्स भी उठ खड़ा होता है और स्लेटी कोट वाले की तरफ बढ़ता है. इसके बाद दोनों के बीच मारपीट होने लगती है. ये देखकर वहां मौजूद दूसरे लोग बीच-बचाव करने आते हैं.
वीडियो पर लिखा है, 'ईरान की सड़कों पर जो हो रहा है उसका असर ईरान के टीवी चैनलों पर भी दिख रहा है' आगे लिखा है, 'खामेनेई और शाह रजा पहलवी के समर्थकों के बीच जमकर हुए हाथापाई'.
इस वीडियो को बहुत सारे सोशल मीडिया यूजर्स '#iranrevolution' जैसे हैशटैग्स के साथ शेयर कर रहे हैं.
लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो न तो हाल-फिलहाल का है, न ही ईरान का. ये 2013 का जॉर्जिया का वीडियो है जब एक लाइव टीवी शो के दौरान दो नेता आपस में भिड़ गए थे.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से हमें चेक भाषा की न्यूज वेबसाइट Lidové noviny की 14 फरवरी, 2013 की रिपोर्ट में इसका लंबा वर्जन मिला. रिपोर्ट के मुताबिक, ये मारपीट जॉर्जिया के न्यूज चैनल Maestro की एक डिबेट (बहस) के दौरान Koba Davitashvili और Sergo Ratiani नामक जॉर्जिया के दो सांसदों के बीच हुई थी.
विवाद की शुरुआत तब हुई जब जॉर्जियन ड्रीम पार्टी के सांसद Koba Devitashvil ने डिबेट के दौरान विरोधी राजनीतिक दल, यूनाइटेड नेशनल पार्टी के सांसद Sergo Ratiani का सिर काटने की बात कही. Ratiani ने इसका विरोध किया. लेकिन Koba इतने पर भी शांत नहीं हुए और उन्होंने Ratiani को मूर्ख, खलनायक और हत्यारा तक कह दिया. ये सुनते ही Ratiani आगबबूला हो गए और उन्होंने मेज पर रखा गिलास तोड़ दिया और फिर दोनों हाथापाई करने लगे.
Radio Free Europe/Radio Liberty की एक खबर के अनुसार, ये घटना 13 फरवरी, 2013 की है.
इस घटना के बारे में फरवरी, 2013 में कई खबरें छपी थीं. ऐसी ही कुछ रिपोर्ट्स यहां, यहां और यहां पढ़ी जा सकती हैं.
रजा पहलवी और खामेनेई के बीच टकराव की वजह
रजा पहलवी, ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा शाह पहलवी के बेटे हैं. खबरों के मुताबिक 1979 में ईरान में हुई इस्लामी क्रांति के साथ ही वहां राजशाही का अंत हो गया. रजा और उनका परिवार सत्ता से बाहर हो गया और अलग-अलग देशों में शरण लेता रहा. मोहम्मद रजा शाह पहलवी, ईरान को एक आधुनिक और सेक्यूलर राष्ट्र बनाना चाहते थे. वहीं इस्लामी क्रांति का नेतृत्व करने वाले आयतुल्ला खुमैनी का मानना था कि ये मॉडल इस्लामिक मूल्यों के खिलाफ है. उन्होंने शाह को अमेरिका की कठपुतली तक कहा था. राजशाही के अंत के बाद ईरान में ‘विलायत-ए-फकीह’ की अवधारणा सामने आई जिसमें देश की सत्ता चुनी हुई सरकार के नहीं बल्कि धार्मिक नेता के हाथ में होती है. आयतुल्ला खुमैनी ईरान के पहले सुप्रीम लीडर थे. 1989 में खुमैनी की मौत हो गई थी. उन्होंने अली खामेनेई को अपना उत्तराधिकारी बनाया था.
ज्योति द्विवेदी