सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें दुबई के बुर्ज खलीफा पर भारतीय दार्शनिक, समाज सुधारक और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के संस्थापक सर सैयद अहमद खान की एक बड़े आकार की तस्वीर बनी हुई दिख रही है.
वायरल तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि यह यूएई सरकार की ओर से सर सैयद अहमद को दी गई श्रद्धांजलि है.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल हो रही तस्वीर को फोटोशॉप की मदद से तैयार किया गया है. असली तस्वीर में बुर्ज खलीफा पर कोई फोटो नहीं दिख रही है. बुर्ज खलीफा 2700 फुट की दुनिया की सबसे ऊंची इमारत है, जो दुनिया भर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी है.
कई फेसबुक यूजर जैसे Abdul Quadir ने इस वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा है, “समाज सुधारक सर सैयद अहमद खान को यूएई सरकार की ओर से श्रद्धांजलि. यह दृष्टिकोण की शक्ति को दर्शाता है.”
AFWA की पड़ताल
एक साधारण गूगल रिवर्स सर्च से इस वायरल तस्वीर की असलियत सामने आ गई. इसके अलावा हमने इंटरनेट खंगाला, लेकिन हमें यूएई सरकार की ओर से सर सैयद अहमद खान को श्रद्धांजलि देने संबंधी कोई भी मीडिया रिपोर्ट कहीं नहीं मिली.
हमने बुर्ज खलीफा का आधिकारिक ट्विटर हैंडल भी चेक किया, लेकिन सर सैयद अहमद खान से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिली. हालांकि, महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष के मौके पर जरूर बुर्ज खलीफा को भारतीय तिरंगे के रंग की लाइट से सजाया गया था.
इंडिया टुडे ने बुर्ज खलीफा के जनसंपर्क विभाग से संपर्क साधने की कोशिश की. उनकी प्रतिक्रिया आते ही स्टोरी को अपडेट कर दिया जाएगा. सर सैयद अहमद खान 19वीं सदी में ब्रिटिश काल के एक भारतीय दार्शनिक हैं. उन्होंने 1857 में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एएमयू की स्थापना की थी.
यह गौर करने की बात है कि 17 अक्टूबर को एएमयू ने अपने संस्थापक की जयंती के मौके पर 202वां सर सैयद दिवस मनाया है. यूएई में रहने वाले एएमयू के एल्युमिनी भी हर साल सर सैयद दिवस मनाते हैं.
लेकिन वायरल हो रही सर सैयद अहमद खान की छाप वाली बुर्ज खलीफा की तस्वीर फोटोशॉप करके तैयार की गई है.
अर्जुन डियोडिया