क्या US से वापस आएगा लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल? पढ़ें- प्रत्यर्पण की कौन-कौन सी शर्तें होती हैं

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से भारत वापस लाने की कवायद शुरू हो गई है. मुंबई पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को अनमोल के प्रत्यर्पण का प्रस्ताव भेजा है. अनमोल इस वक्त अमेरिका में है. उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं.

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अनमोल बिश्नोई अमेरिका में रह रहा है. (फाइल फोटो) अनमोल बिश्नोई अमेरिका में रह रहा है. (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 4:45 PM IST

जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई अनमोल अमेरिका में है. अनमोल को अमेरिका से वापस लाने की कवायद भी शुरू हो गई है. मुंबई पुलिस ने गृह मंत्रालय को उसके प्रत्यर्पण का प्रस्ताव भेजा है.

मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि अनमोल बिश्नोई के प्रत्यर्पण का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा है, जिसे बाद में विदेश मंत्रालय को भेजा जाएगा.

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अनमोल बिश्नोई के प्रत्यर्पण से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ये चीजें कानूनी दायरे में आती हैं, इसलिए तय प्रक्रियाओं के तहत कार्रवाई की जाएगी.

अनमोल बिश्नोई भारत में वांटेड है. बाबा सिद्दीकी की हत्या समेत कई हाई प्रोफाइल क्राइम में उसके खिलाफ केस दर्ज है. 

तो क्या अनमोल बिश्नोई भारत आ सकता है?

किसी भी आरोपी को दूसरे देश से अपने देश में लाने के लिए दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि यानी एक्स्ट्राडीशन ट्रीटी होना जरूरी है. अगर प्रत्यर्पण संधि न भी हो तो एक्स्ट्राडीशन अरेंजमेंट से भी काम चल जाता है. 

भारत में 1962 में प्रत्यर्पण कानून बना था. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की 48 देशों के साथ एक्स्ट्राडीशन ट्रीटी है और 12 देशों के एक्स्ट्राडीशन अरेंजमेंट है. 

एक्स्ट्राडीशन ट्रीटी में ये समझौता किया जाता है कि अगर उन्हें अपने देश में दूसरे देश का वॉन्टेड व्यक्ति मिलेगा, तो वो उसे वापस भेज देंगे. हालांकि, ये मामला अक्सर लंबी कानूनी प्रक्रिया में फंस जाता है.

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भारत ने 1997 में अमेरिका के साथ एक्स्ट्राडीशन ट्रीटी की थी. विदेश मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि 2002 से 31 जनवरी 2019 के बीच अमेरिका से 10 अपराधियों को भारत लाया गया है. 

अनमोल बिश्नोई को भारत लाया जाएगा या नहीं? ये तो वक्त बताएगा. हालांकि, हर देश का प्रत्यर्पण कानून अलग होता है और इसकी प्रक्रिया भी अलग. लेकिन अनमोल को वापस लाने के लिए भारत को कई सारे सबूत और दस्तावेज दिखाने होंगे. 

अंतरराष्ट्रीय कानून का भी है खेल

प्रत्यर्पण को लेकर हर देश का अपना कानून है और वहां की प्रक्रिया भी अलग है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानून में प्रत्यर्पण से जुड़ी कुछ कॉमन बातें हैं. 

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत, राजनीतिक अपराध, सैन्य अपराध या धार्मिक अपराध के आरोपी को प्रत्यर्पित नहीं किया जा सकता. 

इतना ही नहीं, इसके लिए डबल क्रिमिनैलिटी भी होना जरूरी है. यानी जिस व्यक्ति को प्रत्यर्पित करने की मांग की गई है, उसका अपराध दोनों देशों को मानना जरूरी है. मसलन, भारत ने गोल्डी बराड़ को कई सारे मामलों में आरोपी बनाया है, तो अमेरिका को भी ये लगना चाहिए कि उसने जो भारत में किया, वो सच में अपराध है.

तीसरी बात ये कि जिस अपराध के लिए व्यक्ति को प्रत्यर्पित करने की मांग हो रही है, प्रत्यर्पण के बाद भी उस पर वही मुकदमा चलेगा. ये नहीं कि हत्या के मामले में प्रत्यर्पित कर लिया और प्रत्यर्पण के बाद दूसरे मामले भी उसमें जोड़ दिए गए. 

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चौथी और आखिरी बात मानवाधिकार से जुड़ी है. किसी भी व्यक्ति को प्रत्यर्पित तभी किया जाता है जब उस देश को लगता है कि व्यक्ति को वहां भेजने पर उसके मानवाधिकारों का ध्यान रखा जाएगा.

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