फिल्मों के शौकीन लोगों को खुश कर देगी ये खबर!

श्याम बेनेगल कमेटी ने ये सिफारिश की है कि फिल्मों में बार-बार दिखाए जाने वाले एंटी-स्मोकिंग डिस्क्लेमर की जगह फिल्म की शुरुआत में ही एक बार डिस्क्लेमर दिखा दिया जाए.

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श्याम बेनेगल श्याम बेनेगल

दीपिका शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 02 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 4:41 PM IST

अगर आप फिल्म देखने के शौकीन हैं और फिल्मों के दौरान दिखाया जाना वाला एंटी-स्मोकिंग डिस्क्लेमर आपको परेशान करता है, तो जनाब आपके लिए खुशखबरी है.

श्याम बेनेगल कमेटी ने ये सिफारिश की है कि फिल्मों में बार-बार दिखाए जाने वाले एंटी-स्मोकिंग डिस्क्लेमर की जगह फिल्म की शुरुआत में ही एक बार डिस्क्लेमर दिखा दिया जाए. कमेटी ने ये भी कहा है कि डिस्क्लेमर को वॉयस ओवर के साथ चलाए जाए ताकि एंटी-स्मोकिंग का संदेश दर्शकों तक स्पष्ट तरीके से पहुंचे.

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बेनेगल कमेटी ने इस डिस्क्लेमर को हर भारतीय भाषा में बनाने कि सलाह दी है. कमेटी की ये भी राय है कि फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को बढ़-चढ़कर एंटी-स्मोकिंग थीम पर शार्ट फिल्में बनानी चाहिए और बड़े सितारों की भी इसमें हिस्सेदारी होनी चाहिए.

इसके अलावा श्याम बेनेगल कमेटी ने कहा कि जो किरदार फिल्म में धूम्रपान करते हुए दर्शाया गया है, उसे शुरुआत में एक वीडियो के जरिए एंटी-स्मोकिंग पर एक मैसेज देते हुए दिखाया जा सकता है. कमेटी का मानना है कि बार-बार दिखाए जाने वाला डिस्क्लेमर दर्शकों को न सिर्फ डिस्टर्ब करती है बल्कि उसकी क्रिएटिव वैल्यू पर भी असर डालती है.

अगर ये फैसला अमल में लाया जाता है, तो न सिर्फ ये मूवी फैंस के लिए खुशी की बात होगी, बल्कि उन फिल्मकारों को भी इससे राहत मिलेगी जो डिस्क्लेमर को बार बार दिखाए जाने से परेशान हैं.

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