कैसे बेटे की मौत से टूट गया था भारत का सबसे बड़ा गजल गायक

जगजीत सिंह का जन्म 8 फरवरी, 1941 में राजस्थान में हुआ था. उन्होंने अपना मुकाम हासिल करने के लिए खूब मेहनत की और हर चुनौतियों का सामना किया लेकिन जब उन्हें जवान बेटे की मौत खबर मिली तो वे टूट गए थे.

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जगजीत सिंह जगजीत सिंह

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 10 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 7:30 AM IST

जब भी गजल की बात होती है तो दिलोंदिमाग में बस एक ही नाम आता है और वह है जगजीत सिंह. उन्होंने गाना सुनने वालों को गजल सुनने का चस्का लगाया था. यही वजह थी कि उन्हें गजल सम्राट कहा जाता था. जगजीत सिंह का जन्म 8 फरवरी, 1941 में राजस्थान में हुआ था. उन्होंने अपना मुकाम हासिल करने के लिए खूब मेहनत की और हर चुनौतियों का सामना किया लेकिन जब उन्हें जवान बेटे की मौत खबर मिली तो वे टूट गए थे. आज जगजीत सिंह की डेथ एनिवर्सरी है. इस मौके पर आइये उनके जीवन के कुछ पहलुओं पर नजर डालते हैं.

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एक वाकये के अनुसार, किसी पार्टी के आखिर में अदाकारा अंजू महेंद्रू ने जगजीत के सामने ख्वाहिश जाहिर की कि वो उन्हें गजल 'दर्द से मेरा दामन भर दे' सुनाएं. जगजीत उस दौरान गाना नहीं चाहते थे, लेकिन फरमाइश के आगे वे बेबस हो गए और उन्होंने गाना शुरू कर दिया. बताया जाता है कि गजल गाने के दौरान जगजीत खूब रोए थे. प्रोग्राम खत्म होते ही जगजीत की जिंदगी की सबसे मनहूस खबर आई. उनका इकलौता बेटा विवेक कार एक्सिडेंट में अपनी जान गंवा चुका था.

1990 की इस दर्दनाक घटना के बाद जगजीत और उनकी पत्नी चित्रा टूट चुके थे. इस दुख में पत्नी चित्रा सिंह ने गायकी को ही अलविदा कह दिया. 18 साल के जवान बेटे को खोने के सदमे ने उन्हें ऐसा तोड़ा कि वो फिर कभी संगीत की दुनिया में वापस नहीं आईं. ऐसे में जगजीत भी संगीत की दुनिया से दूर जाना चाहते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

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इस तरह दुनिया को अलविदा कह गए गजल सम्राट ?

जगजीत सिंह को 2011 में यूके में गुलाम अली के साथ परफॉर्म करना था, लेकिन इससे पहले ही वे बीमार हो गए. सेरिब्रल हैमरेज के चलते उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी हालत बिगड़ती चली गई और वो कोमा में चले गए. 10 अक्टूबर 2011 को जगजीत सिंह को अंतिम सांसें ली और उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कर चले गए.

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