The Looming Tower Review: 9/11 हमले के पीछे की कहानी, बच सकता था अमेरिका!

नेटफ्लिक्स और अमेजॉन प्राइम जैसे प्लेटफॉर्म आने के बाद वेब सीरीज देखने का क्रेज़ बढ़ा है. आज हम अमेरिकी वर्ल्ड ट्रेड टॉवर पर हुए आतंकी हमलों के पीछे की कहानी पर बनी ऐसी वेब सीरीज की समीक्षा कर रहे हैं जिसका निर्माण Hulu ने किया है.

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The Looming Tower का एक सीन... The Looming Tower का एक सीन...

मोहित ग्रोवर

  • नई दिल्ली,
  • 24 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 12:18 PM IST

कुछ घटनाओं ने दुनिया को बदलकर रख दिया. इन्हीं में एक सबसे बड़ी घटना है - 2001 में न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुआ आतंकी हमला. अमेरिका पर हुए इस हमले की कहानी को केंद्र में रखकर अब तक कई किताब, लेख, डॉक्यूमेंट्री और फिल्में बनाई जा चुकी हैं. हर बार कल्पना और तथ्यों के जरिए हमले के पीछे की वजहों को तलाशने की कोशिश हुई है.

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अब इस घटना के कई सालों बाद एक वेब सीरीज़ में दुनिया के सबसे डरावने खौफनाक आतंकी हमले के पीछे की वजहों और गलतियों को तलाशा गया है. जिस वेब सीरीज की बात हो रही है, उसका टाइटल है "द लूमिंग टॉवर" ( The Looming Tower). इस सीरीज ने हाल ही में Emmy Awards में कई खिताब अपने नाम किए हैं.

क्या है लूमिंग टॉवर की कहानी ?

अमेरिकन नेटवर्क कंपनी Hulu ने 9/11 हमलों को लेकर ये सीरीज़ बनाई है. मशहूर लेखक Lawrence Wright की किताब The Looming Tower से प्रभावित होकर सीरीज बनाई गई है. 10 एपिसोड की इस सीरीज़ में बताया गया है कि 9/11 की असली कहानी दरअसल, कहां से शुरू होती है. 

पूरी कहानी अमेरिकन खुफिया एजेंसी CIA और सुरक्षा एजेंसी FBI के बीच चल रही पॉलिटिक्स के बीच बुनी गई है. FBI की एंटी टेररिज्म यूनिट को हमले के करीब 8-10 साल पहले ही आतंकियों के कुछ बड़े प्लान का अंदेशा हो जाता है, लेकिन CIA उन्हें कोई इन्फॉर्मेशन सिर्फ इसलिए नहीं देती, क्योंकि उसे लगता है कि सूचना पाकर वह बाजी मार ले जाएगा. FBI की टीम लगातार साउथ एशिया में इन चीजों पर काम करती है. इस बीच अफगानिस्तान, लीबिया और अफ्रीकी देशों में अमेरिकी उच्चायोग पर हमले होते हैं.

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छानबीन आगे बढ़ती है और तार सीधे "अलकायदा" से जुड़ते हैं. अलकायदा लगातार अमेरिका से बदले की धमकी देता है, इस बीच दो सऊदी नागरिकों को ट्रेन कर अमेरिका भेजा जाता है. अलकायदा दो से तीन साल पहले ही अपने आतंकियों को अमेरिका में एंट्री करवा देता है. पूरी प्लानिंग के साथ.

दूसरी तरफ सीआईए और एफबीआई सबकुछ जानते हुए भी आतंकियों के प्लान नाकाम करने में फेल हो जाते हैं. और जब सबकुछ गंवाकर एफबीआई का प्रमुख नौकरी छोड़ वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का सुरक्षा प्रमुख बनता है, अगले ही दिन अलकायदा वहां हमले कर देता है. बाकी की बातें अब एक दर्दनाक इतिहास हैं.

क्यों खास है ये सीरीज़?

अभी तक 9/11 के मुद्दे पर कई तरह की फिल्में देखने को मिली है. ज्यादातर फिल्मों में 9/11 के दिन क्या हुआ और फिर अमेरिका ने लादेन को किस तरह खत्म किया, सिर्फ ये ही दिखाया जाता है.

संभवत: इस सीरीज़ में पहली बार यह दिखाने की कोशिश की गई है कि कैसे CIA और FBI की आपसी लड़ाई में अमेरिका जैसा बड़ा देश न चाहते हुए भी अपनी सुरक्षा से समझौता कर बैठा. इस हमले की तैयारी आतंकी किस तरह कर रहे थे और अमेरिका कैसे गलतियों पर गलतियां करता जा रहा था, सीरीज में इसे देखना दिलचस्प है. ये सीरीज इस स्थापना को भी बल देती है कि अगर सीआईए और एफबीआई आपसी झगड़े में न फंसे होते तो शायद अमेरिका की आतंरिक सुरक्षा में आतंकी सेंध न लगती.

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ये सीरीज़ अंग्रेजी में है. इसे देखते हुए कई बार लेबनान, फारसी और उर्दू में संवाद सुनने को मिलते हैं. भाषा की ये दिक्कत कहानी की कसावट अंग्रेजी सबटाइटल्स की वजह से भारी नहीं लगती. हालांकि 9/11 पर कई कहानियां देख चुके लोगों को इसकी कहानी बोर भी कर सकती है.

पूरी सीरीज 2-3 अहम किरदारों के इर्द-गिर्द ही घूमती है. सबसे प्रमुख हैं John O’Neill जो एफबीआई के एंटी टेररिज्म यूनिट के प्रमुख हैं. जॉन का किरदार Jeff Daniels ने निभाया है, इससे पहले आप उन्हें The Newsroom जैसी टीवी सीरीज में देख चुके हैं. उनके अलावा दूसरा अहम किरदार उनके असिस्टेंस Ali Soufan का है. इस किरदार को Tahar Rahim ने निभाया है. उनकी एक्टिंग काफी शानदार है और एक अमेरिकी-मुस्लिम के किरदार को उन्होंने जीवंत तरीके से निभाया है. इनके अलावा आपको Wrenn Schmidt, Bill Camp, Louis Cancelmi का काम भी पसंद आएगा.

कहां देख सकते हैं?

वैसे ये ओरिजनेल सीरीज़ Hulu ने बनाई है. Hulu के अलावा भारत में ये Amazon Prime Video पर देखा जा सकता है.

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