Movie Review: बोर करती है 'बा बा ब्लैक शीप'

मशहूर एंकर के रूप में जाने जाने वाले मनीष पॉल की रिलीज हुई फिल्म बा बा ब्लैक शीप कैसी है? आइए जाने.

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 बा बा ब्लैक शीप बा बा ब्लैक शीप

पूजा बजाज

  • दिल्ली,
  • 24 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 3:09 PM IST

फिल्म का नाम: बा बा ब्लैक शीप

डायरेक्टर: विश्वास पांड्या

स्टार कास्ट: मनीष पॉल, मंजरी फडनिस, अनुपम खेर, के के मेनन, अन्नू कपूर

अवधि:1 घंटा 43 मिनट

सर्टिफिकेट: U/A

रेटिंग: 1 स्टार

मशहूर एंकर के रूप में जाने जाने वाले मनीष पॉल ने एक्टर के तौर पर मिकी वायरस, रणबांका, तेरे बिन लादेन 2 जैसी फिल्में की है. लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि यह तीनों फिल्में दर्शकों को जरा भी पसंद नहीं आई और अब एक बार फिर से मनीष पॉल एक्टर के तौर पर बा बा ब्लैक शीप में नजर आने वाले हैं. इस फिल्म में उनके साथ इंडस्ट्री के कई शानदार एक्टर्स जैसे अनुपम खेर, अन्नू कपूर, के के मेनन मौजूद हैं. आइए जानें कैसी है मनीष पॉल की यह फिल्म...

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कहानी

फिल्म की कहानी गोवा के रहने वाले बाबा( मनीष पॉल) की है जिसके पिता चार्ली उर्फ चारुदत्त शर्मा( अनुपम खेर) एक काजू बेचने की दुकान चलाते हैं. चार्ली पर उनकी पत्नी का पूरा दबदबा है. डर इतना है कि वह वह घर के बर्तन भी साफ करते नजर आते हैं. लेकिन एक दिन डरे सहमे रहने वाले चार्ली को पता चलता है कि उनकी 12 पीढ़ियों से चला आ रहा खानदान कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में जाना जाता है. पिता के द्वारा गए इस राज को जानने के बाद बाबा भी इसी फैमिली बिजनेस में शामिल होने का फैसला करता है. इसके बाद इस स्टोरी में मुख्यमंत्री उत्पल (मनीष वाधवा) की एंट्री होती है जोकि कॉन्ट्रैक्ट किलर का इस्तेमाल करके अपने बुरे कामों को अंजाम देता है. कॉन्ट्रैक्ट किलर के काम को लेकर बाबा के दिमाग में दुविधा बनी रहती है क्योंकि वह बुरे काम का साथ नहीं देना चाहता. इसके बाद फिल्म में नकली पेंटिंग का कारोबार करने वाले ब्रायन (अन्नू कपूर) और उसकी बेटी एंजलीना (मंजरी फडनिस) की एंट्री होती है. ब्रायन को प्यार से लोग सैंटा क्लॉज भी कहते हैं.

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बाबा को एंजलीना से प्यार है और वह उससे शादी भी करना चाहता है लेकिन कहानी में कुछ ऐसे उतार-चढ़ाव आते हैं जब बाबा के पिता चार्ली और एंजलीना के डैड ब्रायन का टकराव होता है. इसी बीच ईमानदार पुलिस ऑफिसर (के के मेनन )भी कहानी में आते हैं. क्या बाबा और एंजलीना एक हो पाते हैं और क्या होता उनके खानदानी कारोबार का ये फिल्म देखकर ही पता चलेगा...

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कमजोर कड़ियां

फिल्म की कमजोर कड़ी इसकी खराब कहानी और स्क्रीनप्ले है, वैसे तो फिल्म 2 साल पहले ही अनाउंस हो गई थी लेकिन डायरेक्शन काफी बचकाना सा नजर आता है. यहां तक कि‍ फिल्म देखते हुए लगता है कि हम कोई टीवी सीरियल देख रहे हैं. एक समय से दूसरे समय में जाना घटनाओं का सबसे ज्यादा बिखरा हुआ होना, खराब एडिटिंग, कोई भी हिट गाना ना होना बेहद बोरिंग लगता है. इसके अलावा कहने को तो ये एक कॉमेडी फिल्म है लेकिन दूर-दूर तक आपको हंसी नहीं आती है.

जानिए आखिर फिल्म को क्यों देख सकते हैं

अगर आप मनीष पॉल, मंजरी फडनिस, अनुपम खेर, अन्नू कपूर, के के मेनन जैसे एक्टर्स की फिल्में पसंद करते हैं और उनके फैन हैं तो आप ये फिल्म देख सकते हैं.

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बॉक्स ऑफिस

वैसे तो यह कम बजट की फिल्म है लेकिन इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अजय देवगन की रेड फिल्म औररानी मुखर्जी की हिचकी से कड़ी टक्कर मिलने वाली है. यहां तक की पुरानी रिलीज फिल्म सोनू के टीटू की स्वीटी अभी भी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है. इन सभी फिल्मों के बीच अब मनीष पॉल की इस फिल्म को कितने दर्शक मिलते हैं.

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