बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी हमेशा से ग्लैमर और रहस्य से घिरी रही हैं. 1980 में धर्मेंद्र से शादी से बहुत पहले एक्ट्रेस ने मुंबई में घर तलाशते समय एक परेशान करने वाली घटना का सामना किया था. इसे उन्होंने बाद में डरावना बताया. उनकी जिंदगी का अनजाना किस्सा राम कमल मुखर्जी की किताब 'हेमा मालिनी: बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल' में दर्ज है. इस किताब में एक्ट्रेस की जिंदगी के कई अनछुए पहलुओं को उजागर किया गया है.
भूतिया बंगले में रहती थीं हेमा?
यह घटना उस समय की है जब हेमा मालिनी ने अपनी हिंदी फिल्म 'सपनों का सौदागर' में राज कपूर के साथ काम शुरू किया था. हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की मशहूर प्रेम कहानी और शादी के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है. लेकिन उनकी शादी से पहले की इस परेशान करने वाली घटना के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. किताब में हेमा मालिनी ने खुलासा किया था कि मुंबई में वह कुछ समय के लिए एक बंगले में रहीं, जहां हर रात उन्हें एक डरावनी मौजूदगी महसूस होती थी. उन्होंने याद किया कि ऐसा लगता था जैसे कोई उनका गला घोंट रहा हो, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता था.
उस समय हेमा मालिनी शुरुआत में एक छोटे बैंड्रा अपार्टमेंट में रह रही थीं, जिसका इस्तेमाल अक्सर कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानु अठैया फिटिंग्स के लिए करती थीं. बाद में उन्होंने ज्यादा आराम की उम्मीद में एक बंगले में शिफ्ट किया, लेकिन वहां उन्हें और ज्यादा परेशानी हुई.
इस वाकये के बारे में हेमा मालिनी ने कहा था, 'हर रात मुझे ऐसा लगता था जैसे कोई मेरा गला घोंटने की कोशिश कर रहा हो. मैं सांस लेने में संघर्ष कर रही थी. मैं अपनी मां के पास सोती थी और उन्होंने देखा था कि मैं कितनी बेचैन हो जाती थी. अगर यह एक-दो बार होता तो हम शायद अनदेखा कर देते, लेकिन यह हर रात होता था.'
पिता ने खरीदा था अपार्टमेंट
दिल्ली और चेन्नई में पली-बढ़ी हेमा मालिनी ने बताया कि उन्हें हरे-भरे पेड़ों से घिरे बड़े घर पसंद थे. मुंबई के छोटे अपार्टमेंट्स में एडजस्ट करना उनके लिए मुश्किल था. उनकी भलाई को लेकर उनके पिता चिंता करते थे और ऐसे में उन्होंने एक्ट्रेस को समुद्र के सामने वाला फ्लैट गिफ्ट करने का सोचा था. उन्होंने वॉकेश्वर (साउथ मुंबई) में एक अपार्टमेंट खरीदा था. कथित तौर पर ये उनकी कमाई से ज्यादा दाम का था. हालांकि हेमा मालिनी ने यह ऑफर ठुकरा दिया था.
किताब के अनुसार, उनके पिता ने शूट के दौरान उन्हें फोन किया और वॉकेश्वर आने को कहा. ब्रेक के दौरान वह वहां गईं और पिता के उनके लिए खरीदे गए नए घर को देखा. उस पल को याद करते हुए हेमा मालिनी ने कहा था, 'उन्होंने पूछा कि क्या मुझे फ्लैट पसंद आया. शायद पहली बार मैंने उन्हें ईमानदारी से बताया कि मुझे साउथ बॉम्बे में रहना पसंद नहीं. मुझे पेड़ों से घिरा घर चाहिए था, जैसे हमारा चेन्नई वाला घर था.' इसके बाद उनके पिता ने जूहू में बंगला तलाशना शुरू किया.
आखिरकार 1972 में 'सीता और गीता' की शूटिंग के दौरान हेमा मालिनी ने अपना पहला बंगला खरीदा. उस समय तक वह और धर्मेंद्र साथ काम कर रहे थे. धर्मेंद्र की तरह एक्ट्रेस ने भी जूहू को अपना बेस बनाया. यह एक गुजराती परिवार की पांच साल पुरानी प्रॉपर्टी थी, जिसमें बाद में कुछ कमरे जोड़े गए. हेमा मालिनी ने प्यार से याद किया था कि उन्हें घर इसलिए पसंद आया क्योंकि उसके आसपास ढेर सारे पेड़ थे. धर्मेंद्र के साथ शुरुआती दिनों के बारे में बात करते हुए हेमा मालिनी ने कहा था, 'धरम जी कॉफी के लिए आते थे. लेकिन उस समय मुझे अंदाजा भी नहीं था कि मैं उनसे प्यार कर बैठूंगी और आखिरकार उनसे शादी कर लूंगी.'
शादी के बाद हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर और उनके बच्चों- सनी, बॉबी, विजेता और अजीता की जिंदगी में खलल न डालने के लिए अलग रहना चुना. उन्होंने ज्यादातर जिंदगी धर्मेंद्र के जूहू वाले घर के पास ही बिताई. अब धर्मेंद्र दुनिया में नहीं हैं.
aajtak.in