रीमेक फिल्मों के सपोर्ट में आए दुर्गामती स्टार अरशद वारसी, कहा- इसमें कुछ गलत नहीं

माना जाता है कि भारतीय फिल्म मेकर्स किसी ऑरिजनल आइडिया लाने की बजाए किसी ट्रायड एंड टेस्टेड फार्मूला पर काम करना ज्यादा पसंद करते हैं. अब इन सवालों को लेकर एक्टर अरशद वारसी ने जवाब दिया है.

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अरशद वारसी अरशद वारसी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 9:05 AM IST

बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी जल्द ही फिल्म 'दुर्गामती-द मिथ' में अहम किरदार निभाते नजर आएंगे. फिल्म का ट्रेलर वीडियो रिलीज किया जा चुका है और इसने फिल्म के बारे में दर्शकों का एक्साइटमेंट और भी बढ़ा दिया है. OTT प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होने जा रही ये फिल्म, तेलुगू भाषा में बनी फिल्म Bhaagamathie का हिंदी रीमेक है.

फिल्म की कहानी और इसके निर्देशक वही हैं जो वास्तविक फिल्म में थे, बस इसकी स्टार कास्ट और भाषा बदल दी गई है. रीमेक फिल्में बनाया जाना भारत में हमेशा से सवालों के घेरे में रहा है. अधिकतर फिल्में जो बॉलीवुड में बनती हैं वो पहले किसी न किसी भाषा में कहीं बन चुकी फिल्म का हिंदी रीमेक भर होता है.

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माना जाता है कि भारतीय फिल्म मेकर्स किसी ऑरिजनल आइडिया लाने की बजाए किसी ट्रायड एंड टेस्टेड फार्मूला पर काम करना ज्यादा पसंद करते हैं. अब इन सवालों को लेकर एक्टर अरशद वारसी ने जवाब दिया है. HT से बातचीत में अरशद ने कहा, "दयावान और नायकन, मुझे वो फिल्में बहुत अच्छी लगी थीं. इसमें कुछ गलत नहीं है. मुझे तमिल, मलयालम और दक्षिण भारतीय फिल्में देखना बहुत पसंद आएगा. वो बहुत अच्छी होती हैं."

उन्होंने कहा, "वे ज्यादा इनोवेटिव कहानियों के साथ सामने आते हैं और रिस्क लेते हैं जो कि हम नहीं करते. मैं नहीं चाहूंगा कि ब्रैड पिट शाहरुख खान की कोई फिल्म करें. मैं बस ये चाहूंगा कि शाहरुख खान ही वो फिल्म करे. अगर आप बेंजामि‍न बटन भी बनाओगे तो भी मैं ब्रैड पिट को हिंदी बोलते नहीं देखना चाहूंगा. मुझे वो नहीं देखना. मुझे मेरे किसी बंदे को वो काम करते हुए देखना है."

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