चुनाव में नेताओं का विमर्श और भाषण गधे के स्तर पर उतर आया है. आज तक के मंच पर देश के तमाम बड़े मंचीय कवि इकट्ठा हुए, जिन्होंने गधों और राजनेताओं के तालमेल को अपनी कविताओं में पिरोकर श्रोताओँ के सामने रखा.
'गदहा सम्मेलन' में हास्य और व्यंग्य के कवियों ने जमकर नेताओं और राजनीतिक दलों पर तंज़ किए. आजतक के इस मंच पर देश और दुनियाभर के जाने माने हिंदी-उर्दू हास्य कवि इकट्ठा हुए. इनमें डॉक्टर पॉपुलर मेरठी, वेद प्रकाश वेद, अरुण जैमिनी, सुनील साहिल, रमेश मुस्कान, बेबाक जौनपुरी, दीपक गुप्ता, पवन आगरी, डॉक्टर सुनील जोगी,महेंद्र अजनबी, तेज नारायण शर्मा बेचैन, प्रवीण शुक्ला शामिल हुए.