उत्तर प्रदेश चुनाव की दहलीज पर खड़ा है. कोई मुसलमान तो कोई ब्राह्मणों को साधने में जुटा है. वहीं 22 फीसदी दलित मतदाता बेहद अहम हैं जो उलटफेर की ताकत रखते हैं. ये वोट बैंक कितना अहम है इसका अंदाजा इस बात से लगाइए कि खुद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कई मौकों पर कह चुके हैं कि 100 में से 60 हमारा है और 40 में भी बंटवारा है. दरअसल इस 40% वोट बैंक में यादव और जाटव अहम हैं. यादव अगर समाजवादी पार्टी का वोट बैंक माना जाता है तो बीजेपी की नजर एकमुश्त जाटव वोट बैंक पर है जो कभी बहुजन समाज पार्टी का वोट बैंक था. आज जानते हैं दलितों के मन में क्या है और कैसे सभी पार्टियों की नजर उन पर टिकी है. देखें चुनाव आजतक.