जयपुर की हवामहल सीट से विधानसभा चुनाव जीतने के बाद बालमुकुंद आचार्य लगातार एक्शन मोड में हैं. कभी वे अपने समर्थकों के साथ नॉनवेज की दुकान बंद कराने पहुंच जाते हैं, तो कभी मुस्लिम समुदाय के साथ खड़े होकर सफाई देते दिख रहे हैं.
बालमुकुंद के इस एक्शन को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना और तारीफ दोनों हो रही हैं. बालमुकुंद ने हवामहल सीट से कांग्रेस के आर आर तिवारी को मात दी है. लेकिन खास बात ये है कि वे सिर्फ 974 वोट से जीते हैं. इससे ज्यादा वोट तो इस सीट पर नोटा (1463) को मिले हैं.
राजस्थान में कुल ऐसी 13 सीटें हैं, जहां हारे हुए प्रत्याशियों का गणित नोटा ने बिगाड़ा है. इन सीटों पर प्रत्याशी जितने वोट से हारे हैं, उससे ज्यादा वोट नोटा में पड़े हैं. ऐसी ही सीट हवामहल है. यहां से बालमुकुंद आचार्य को 95989 वोट मिले. जबकि कांग्रेस प्रत्याशी तिवारी को 95015 वोट मिले. वहीं, नोटा के खाते में 1463 वोट पड़े. बाबा बालमुकुंद 19 में से 18वें राउंड तक कांग्रेस उम्मीदवार से पीछे चल रहे थे. उनके समर्थकों ने भी आस छोड़ दी थी, लेकिन आखिरी राउंड के बाद वे 974 वोटों से जीत गए. बालमुकुंद आचार्य अखिल भारतीय संत समाज राजस्थान के प्रमुख हैं.
13 सीटों पर नोटा ने बिगाड़ा गणित
| सीट | नोटा | हार-जीत का अंतर |
| नसीराबाद | 1392 | 1135 |
| कठूमर | 738 | 409 |
| बांसवाड़ा | 3528 | 1400 |
| बायतू | 2173 | 910 |
| चौहटन | 3901 | 1428 |
| आसींद | 2029 | 1526 |
| जहाजपुर | 2542 | 580 |
| कोटपूतली | 1344 | 321 |
| हवामहल | 1463 | 974 |
| भीनमाल | 4084 | 1027 |
| जायल | 2200 | 1565 |
| खींसर | 2130 | 2059 |
| मावली | 2411 | 1567 |
राजस्थान में बीजेपी को मिली जीत
राजस्थान में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिला है. राजस्थान में बीजेपी ने 115 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस को 69 और अन्य को 15 सीटें मिलीं. राजस्थान की जनता ने हर 5 साल में सरकार बदलने के 30 साल पुराने रिवाज को कायम रखा है.
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