पंजाब के पटियाला जिले की प्रमुख विधानसभा सीट है पटियाला शहर विधानसभा सीट. पटियाला शहर विधानसभा सीट शहरी इलाके की विधानसभा सीट है. इस विधानसभा सीट के तहत पटियाला शहर के इलाके आते हैं. पटियाला शहर विधानसभा सीट, पटियाला जिला मुख्यालय की सीट है. पटियाला सड़क मार्ग के जरिए प्रदेश के अन्य इलाकों से जुड़ा हुआ है. ये पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ के करीब है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
पटियाला शहर विधानसभा या पटियाला विधानसभा सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की चर्चा हो और पटियाला रियासत की, पटियाला के महाराज कैप्टन अमरिंदर सिंह की चर्चा न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता. पटियाला विधानसभा क्षेत्र की सियासत पर पटियाला रियासत का प्रभाव रहा है. पटियाला रियासत के प्रभाव क्षेत्र में आने वाली इस सीट से कैप्टन अमरिंदर चार बार विधायक रहे हैं. कैप्टन अमरिंदर सिंह 2012 के चुनाव में भी इसी सीट से विधायक निर्वाचित हुए थे. लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और तब उनकी पत्नी यहां से उपचुनाव में विधायक निर्वाचित हुई थीं.
2017 का जनादेश
पटियाला विधानसभा सीट से 2017 के चुनाव में कांग्रेस के अभियान का नेतृत्व कर रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद मैदान में थे. कैप्टन अमरिंदर सिंह के सामने आम आदमी पार्टी (एएपी) ने डॉक्टर बलबीर सिंह, शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने जोगिंदर जसवंत सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था. कैप्टन अमरिंदर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी एएपी के डॉक्टर बलबीर को 52407 वोट के बड़े अंतर से शिकस्त दी थी.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
पटियाला विधानसभा सीट को लेकर कहा जाता है कि यहां महाराज का नाम चलता है. कैप्टन अमरिंदर सिंह फिर से अपनी परंपरागत सीट से चुनाव मैदान में हैं. बदले हालात में कैप्टन अपनी नई-नवेली पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस से ताल ठोक रहे हैं. कैप्टन के सामने इस दफे एएपी ने अजीतपाल सिंह कोहली और एसएडी ने हरपाल जुनेजा को चुनाव मैदान में उतारा है. पटियाला विधानसभा सीट के लिए मतदान 20 फरवरी को होना है.
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