देश की लोक सभा सीटों के पटल पर 19 फरवरी 2008 को महाराष्ट्र की मावल लोक सभा सीट आस्तित्व में आई. 2009 में यहां पहला लोक सभा का चुनाव हुआ. शिवसेना के गजानन बाबर इस सीट से पहली बार सांसद बने. 2014 के लोक सभा चुनावों में इस सीट से शिवसेना के ही श्रीरंग बारणे ने किस्मत आजमाई और चमकदार जीत हासिल की. संसद में वे टॉप परफॉर्मर रहे जिन्हें सांसद रत्न अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया.
मावल लोक सभा सीट के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीटों का गणित
मावल लोक सभा सीट के अंतर्गत आने वाली पनवेल, मावल, चिंचवड और विधानसभा सीट से बीजेपी, उरण और पिंपरी (अनुसूचति जाति सीट) से शिवसेना और कर्जत से एनसीपी के विधायक हैं. जिस तरह 5 विधानसभा सीटों पर बीजेपी-शिवसेना का वर्चस्व है, उसी तरह लोक सभा में भी शिवसेना का राज है.
2009 और 2014 में जीत का गणित
2009 में मावल लोक सभा सीट से शिवसेना के गजानन बाबर ने 364,857 वोट पाकर जीत हासिल की. वहीं, दूसरे स्थान पर एनसीपी के आजम पनसारे रहे जिन्हें 284,238 वोट मिले. 2014 में श्रीरंग बारणे (अप्पा ) ने शिवसेना के टिकट से लड़कर 5,12,223 वोट पाकर जीत हासिल की. दूसरे स्थान पर के लक्ष्मण पांडुरंग जगताप रहे जिन्हें 3,54,829 वोट मिले. तीसरे स्थान पर एनसीपी के राहुल सुरेश नार्वेकर रहे जिन्हें 1,82,293 वोट मिले थे. इस सीट से 11 निर्दलीयों ने भी चुनाव लड़ा.
सांसद श्रीरंग बारणे के बारे में
श्रीरंग बारणे ने 1997 में पिंपरी-चिंचवड नगर निगम में पार्षद का चुनाव लड़कर राजनीतिक करियर शुरू किया और उन्होंने जीत हासिल की. पिंपरी-चिंचवड नगर निगम में 2014 तक इन्होंने कई भूमिकाएं निभाईं फिर सीधा लोक सभा का चुनाव लड़ा. मोदी लहर में इन्हें भारी जीत हासिल हुई. इन्हें संसद में उत्कृष्ट कार्य के लिए सांसद रत्न अवॉर्ड भी मिला. वे 2015, 2016, 2017 और 2018 में संसद में टॉप परफॉर्मर रहे.
संसद में प्रदर्शन
संसद में इनकी उपस्थिति 93 फीसदी रही. बारणे ने 289 डीबेट में हिस्सा लिया. संसद में प्रश्न पूछने में वे अव्वल रहे. उन्होंने 1076 प्रश्न संसद में पूछे जबकि औसत 285 का है. वहीं, 20 प्राइवेट मेंबर्स बिल लेकर संसद में आए जबकि औसत 2.2 है. संसदीय क्षेत्र में खर्च करने के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान है. इन्हें खर्च करने के लिए 17.50 करोड़ रुपये मिले जो ब्याज के साथ 18.02 करोड़ की रकम हो गई. इसमें से 15.10 करोड़ रुपये खर्च हुए जो 86.30 फीसदी हैं. अभी भी 2.91 करोड़ रुपये सांसद निधि के बचे हुए हैं. खेती और कंस्ट्रक्शन के व्यवसाय से जुड़े 8वीं पास बारणे की संपत्ति 66 करोड़ रुपये है.
श्याम सुंदर गोयल