Madha: मधा लोकसभा सीट के सांसद ने अपनी शादी पर खिलाया था 1 लाख लोगों को खाना

Madha Lok sabha constituency 2019 के लोकसभा चुनाव 2019 में सबकी नजरें लगी हुई हैं. लोकसभा चुनावों के लिहाज से महाराष्ट्र की मधा सीट क्यों है खास,  इस आर्टीकल में पढ़ें...

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

श्याम सुंदर गोयल

  • नई द‍िल्ली,
  • 06 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 7:11 PM IST

महाराष्ट्र की मधा लोकसभा सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का वर्चस्व है और लोक सभा में भी एनसीपी की तूती बोलती है. 2009 में शरद पवार ने कांग्रेस से अलग होकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी बनाई थी जिसके टिकट पर वह मधा से चुनाव लड़कर संसद पहुंचे थे. वर्तमान में इस लोक सभा सीट पर एनसीपी के ही मोहिते पाटिल सांसद हैं जो महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री का दायित्व निभा चुके हैं.

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व‍िधानसभा सीटों का म‍िजाज

मधा लोक सभा सीट के अंतर्गत 6 विधानसभा सीट आती हैं. विधानसभा सीट मालशिरस, फलटण और मधा से एनसीपी, करमाला से शिवसेना, मान से कांग्रेस और संघोल से PWPI के विधायक हैं.  

लोकसभा सीट का इत‍िहास

मधा लोकसभा सीट का गठन पंढरपुर लोक सभा सीट में से काट कर 2008 में हुआ। 2009 में मधा लोक सभा सीट पर पहली बार चुनाव हुआ जिसमें एनसीपी के अध्यक्ष और दिग्गज राजनेता शरद पवार विजयी रहे थे। 2014 के चुनाव में एनसीपी के ही विजयसिंह मोहिते पाटील इस सीट से सांसद बने।

लोकसभा सीट का गण‍ित

2009 के लोकसभा चुनावों में एनसीपी से लड़कर जीत हासिल की और उन्हें 5, 30,596 वोट मिले. दूसरे स्थान पर बीजेपी के सुभाष देशमुख रहे जिन्हें 2, 16,137 वोट मिले थे.  शरद पवार ने इस सीट से 3,14,459 वोटों से जीत हासिल की थी. 2014 में एनसीपी के विजयसिंह मोहिते ने इस सीट से चुनाव लड़ा. बीजेपी की मोदी लहर में भी मोहिते को 4,89,989 वोट मिले और वह एनसीपी के टिकट पर सांसद बनकर संसद में गए. दूसरे स्थान पर स्वाभिमानी पक्ष (SWP) पार्टी के सदाभाऊ खोट रहे जिन्हें 4,64,645 वोट मिले. तीसरे स्थान पर निर्दलीय प्रतापसिंह शंकरराव मोहिते पाटील रहे जिन्हें 25,187 वोट मिले थे.

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सांसद मोहिते पाटील के बारे में

मोहिते पाटील का करियर एक सरपंच के रूप में शुरू हुआ. वह सोलापुर जिला पंचायत में 1971 से 1979 तक अध्यक्ष रहे. उसके बाद पाटील मालशिरस से 1980 से 2009 तक विधायक रहे. इस दौरान पाटील ने मालशिरस को उद्योग और शिक्षा का हब बना दिया. दिसंबर 2003 में वे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बने. 2009 में मालशिरस रिजर्व सीट हुई तो वे पंढरपुर सीट से लड़े लेकिन हार गए. 2012 से 2014 तक वे महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रहे. 2014 में वे मधा सीट से लोक सभा चुनाव जीते और संसद पहुंचे. 1971 में मोहिते पाटील की शादी चर्चा का विषय बनी थी. जब महाराष्ट्र में सूखा पड़ा था तब उन्होंने 1 लाख लोगों को शादी में बुलाकर खाना खिलाया था.

संसद में वर्तमान सांसद का प्रदर्शन और संपत्त‍ि

संसद में इनकी उपस्थिति 62 फीसदी रही. वहीं, संसद में इन्होंने क‍िसी डीबेट में भाग नहीं लिया. संसद में इन्होंने 1111 प्रश्न पूछे. प्राइवेट मेंबर्स बिल लाने में इनका खाता शून्य रहा. इस सीट पर संसदीय इलाके में खर्च करने के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान है. इसमें से म‍िले फंड का  73.37 फीसदी खर्च क‍िया. 10वीं पास मोह‍िते ने 2014 के लोकसभा चुनाव के हलफनामे में 17 करोड़ रुपये की संपत्त‍ि घोष‍ित की थी.  इन पर 1 क्र‍िम‍िनल केस दर्ज है.

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