बिहार की मधबुनी लोकसभा सीट पर 6 मई को पांचवें चरण में वोट डाले गए. इस चरण में सात राज्यों की कुल 51 लोकसभा सीटों पर वोटिंग हुई. इन 51 लोकसभा सीटों पर कुल 674 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. पांचवें चरण में कुल 64.04 फीसदी वोट पड़े, जबकि मधुबनी में 55.24 फीसदी मतदान दर्ज किया गया.
चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए थे. यहां पर वोटों की गिनती 23 मई को होगी और चुनाव के नतीजे जारी किए जाएंगे.
मधुबनी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट से अशोक कुमार यादव, अखिल भारतीय मिथला पार्टी के टिकट से आनंद कुमार झा, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के टिकट से खालिक अंसारी, भारतीय मित्र पार्टी के टिकट से धनेश्वर महतो, विकासशील इंसान पार्टी के टिकट से बद्री कुमार पुर्बे और बहुजन मुक्ति पार्टी के टिकट से रंजीत कुमार चुनाव मैदान में हैं.
इसके अलावा वोटर पार्टी इंटरनेशनल ने राम स्वरूप भारती, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने रेखा रंजन यादव, पूर्वांचल जनता पार्टी ने सतीश चंद्र झा और राष्ट्रीय जनसंभावना पार्टी ने सुभाष चंद्र झा को चुनाव मैदान में उतारा है.
कांग्रेस नेता डॉ. शकील अहमद ने हाल ही में कांग्रेस प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया था और बिहार के मधुबनी से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन किया था. उनका यह कदम बिहार में महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ाने वाला था, क्योंकि मधुबनी सीट बंटवारे के तहत विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को मिली थी. वीआईपी ने बद्री पुर्बे को मधुबनी से अपना उम्मीदवार बनाया है. इसकी वजह से कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय सचिव डॉ. शकील अहमद को छह साल के लिए पार्टी से निलंबित भी कर दिया है.
वहीं, निर्दलीय उम्मीदवारों में अनिल कुमार साह, अबुबकर रहमानी, अभिजीत कुमार सिंह, राजू कुमार राज, विद्या सागर मंडल, डॉ. श्रकील महमद और हेमा झा हैं.
इससे पहले साल 2014 में मधुबनी लोकसभा सीट से बीजेपी के हुकुमदेव नारायण यादव ने जीत हासिल की थी. हुकुमदेव नारायण यादव को 3 लाख 58 हजार 40 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे आरजेडी के अब्दुल बारी सिद्दिकी को 3 लाख 37 हजार 505 वोटों से संतोष करना पड़ा था.ये भी पढ़ें- लोकसभा चुनाव 2019: बिहार में ये 5 छोटे दल इस बार साबित हो सकते हैं गेमचेंजर
विधानसभा सीटों का समीकरणमधुबनी संसदीय क्षेत्र के तहत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं, जिनमें हरलाखी, बेनीपट्टी, बिस्फी, मधुबनी, केवटी और जाले विधानसभा सीट शामिल हैं. साल 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में इनमें से तीन सीटें आरजेडी, एक सीट बीजेपी, एक सीट कांग्रेस और एक सीट आरएलएसपी ने जीती.
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इस सीट का समीकरण
मधुबनी संसदीय क्षेत्र में वोटरों की कुल संख्या 13 लाख 97 हजार 256 है. इसमें 7 लाख 55 हजार 812 पुरुष वोटर हैं, जबकि 6 लाख 41 हजार 444 महिला वोटर हैं.
बता दें कि साल 2019 के आम चुनावों के लिए चुनाव आयोग ने देश की 543 सीटों पर 7 चरणों में चुनाव संपन्न कराए जाने का फैसला लिया है. पांचवे चरण के लिए नोटिफिकेशन के लिए 10 अप्रैल और नामांकन के लिए 18 अप्रैल की तारीख तय की गई थी. 20 अप्रैल को स्क्रूटनी के बाद बाकी के छह चरणों समेत 6 मई के मतदान के नतीजे 23 मई को आएंगे.
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राहुल झारिया