जाजपुर लोकसभा सीट: बीजेडी-कांग्रेस ने बदला उम्मीदवार, BJP का पुराने कैंडिडेट पर दांव

जाजपुर लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. बीजू जनता दल का गढ़ रहे इस सीट पर नवीन पटनायक ने पूर्व अधिकारी शर्मिष्ठा सेठी को टिकट दिया है. बीजेपी ने इस सीट से 2014 के उम्मीदवार पर फिर से दांव लगाया है और अमियकांता मल्लिक को टिकट दिया है. कांग्रेस ने यहां से मानस जेना को मैदान में उतारा है.

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ओडिशा में कांग्रेस की एक रैली (फोटो-Twitter/INCOdisha) ओडिशा में कांग्रेस की एक रैली (फोटो-Twitter/INCOdisha)

पन्ना लाल

  • नई दिल्ली,
  • 24 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 3:36 PM IST

जाजपुर लोकसभा सीट पर चौथे चरण यानी कि 29 अप्रैल को वोटिंग है. इस सीट पर 8 उम्मीदवार चुनावी रण में ताल ठोंक रहे हैं. ये सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. बीजू जनता दल का गढ़ रहे इस सीट पर नवीन पटनायक ने पूर्व अधिकारी शर्मिष्ठा सेठी को टिकट दिया है. बीजेपी ने इस सीट से 2014 के उम्मीदवार पर फिर से दांव लगाया है और अमियकांता मल्लिक को टिकट दिया है. कांग्रेस ने यहां से मानस जेना को मैदान में उतारा है. इस सीट से बहुजन मुक्ति पार्टी, फ्रीथॉट पार्टी ऑफ इंडिया, जय प्रकाश जनता दल के उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में है.  

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2014 का जनादेश

16वीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव के दौरान इस सीट पर बीजेडी कैंडिडेट रीता तराई को बंपर वोट मिले. रीता तराई को 5 लाख 41 हजार 349 वोट मिले. जबकि कांग्रेस के अशोक दास को 2 लाख 21 हजार 78 वोट हासिल हुए. इस सीट पर बीजेपी तीसरे नंबर पर रही. पार्टी कैंडिडेट अमियकांता मल्लिक को 1 लाख 50 हाजर 789 वोट हासिल हुए. जाजपुर लोकसभा सीट पर साल 2014 में 75.20 प्रतिशत मतदान हुआ था.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

जाजपुर लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. इस सीट से अबतक  बीजेडी, कांग्रेस और जनता दल के कैंडिडेट चुने गए हैं. 1962 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस के राम चंद्र मल्लिक ने जीत हासिल की. 1967 में यहां से पीएसपी के बी बेहेरा चुनाव जीते. 1971 में कांग्रेस के खाते में यह सीट आई. 1977 में राम चंद्र मल्लिक बीएलडी के टिकट पर चुनाव जीते. आनंदी चरण दास 1980, 84, 89, 91 के लोकसभा चुनाव में लगातार चार बार विजयी हुए. 1996 में जनता दल के आंचल दास को जीत मिली.

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1998 में कांग्रेस उम्मीदवार राम चंद्र मल्लिक ने चुनाव जीता. 1999 में इस सीट पर बीजेडी ने एंट्री की और पार्टी कैंडिडेट जगन्नाथ मलिक ने चुनाव जीता. इसके बाद लगातार तीन बार 2004, 09, और 14 में इस सीट से बीजू जनता दल से कैंडिडेट को जीत मिलती रही है. 2014 में पार्टी कैंडिडेट रीता तराई ने सवा तीन लाख वोटों से जीत हासिल की.

जाजपुर का पौराणिक महत्व

ओडिशा का जाजपुर क्षेत्र ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व का स्थान है. यह वही जगह है जहां धार्मिक ग्रंथों में चर्चित वैतरणी नदी बहती है. मान्यता है कि भागीरथी गंगा जब पितृलोक में बहती है, तब वह वैतरणी कहलाती है. कहा जाता है कि भगवान ब्रह्मा ने वैतरणी नदी के तट पर स्थित एक सरोवर में महायज्ञ किया था, जिस वजह से इस क्षेत्र का नाम 'याजपुर' पड़ा. यही स्थान आजकल 'जाजपुर' के नाम से जाना जाता है. जाजपुर जिले में कई पौराणिक मंदिर हैं जो स्थापत्थ कला का बेशकीमती नमूना हैं. इनमें जगन्नाथ मंदिर और बूढ़ा गणेश मंदिर है.

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