हिमाचल प्रदेश विधानसभा की वीआईपी सीट दारंग पर मुकाबला कांग्रेस नेता और मंत्री कौल सिंह ठाकुर और बीजेपी के जवाहर ठाकुर के बीच हुआ. इस सीट पर बीजेपी के जवाहर ठाकुर ने चुनाव जीत लिया. दारंग सीट कांग्रेस की सबसे सुरक्षित सीट थी. कौल सिंह ने इस सीट पर 1977 के बाद हुए सभी 9 चुनावों में अपनी किस्तम आजमाई है और कुल 8 बार यहां जीत दर्ज की है.
| अभ्यर्थी | दल का नाम | मत |
| जवाहर ठाकुर | भारतीय जनता पार्टी | 31392 |
| कौल सिंह | इंडियन नेशनल कांग्रेस | 24851 |
| पूरन चंद | निर्दलीय | 7672 |
| रमेश कुमार | बहुजन समाज पार्टी | 514 |
| सुरज मणी | निर्दलीय | 297 |
| चुड़ामणी ठाकुर | निर्दलीय | 170 |
| इनमें से कोई नहीं | इनमें से कोई नहीं | 407 |
इस सीट से कुल 6 उम्मीदवार मैदान में हैं. बीएसपी से रमेश कुमार, बीजेपी से जवाहर ठाकुर, कांग्रेस से कौल सिंह, जबकि 3 स्वतंत्र उम्मीदवार चूड़ामनि, पूरनचंद और सूरज मणि भी चुनाव के मैदान में उतरे.
2012 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो दारंग सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार कौल सिंह को 28325 वोट हासिल हुए थे जबकि बीजेपी के जवाहर लाल को 26093 वोट हासिल हुए थे.
दारंग कौल सिंह का गढ़ माना जाता है. 1977 के बाद हुए विधानसभा चुनावों में 1990 को छोड़कर उन्होंने लगातार इस सीट पर जीत दर्ज की है. 1990 में इस सीट से बीजेपी के दीनानाथ ने कौल सिंह को हराने में कामयाबी पाई थी लेकिन उसके बाद कौल सिंह का विजय रथ कोई नहीं रोक पाया.
दारंग हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है. दारंग गांव की कुल आबादी 1378 है.
प्रज्ञा बाजपेयी