हरियाणा का मेवात जिले की सियासत मुस्लिमों के हाथ में है. मेवात अरावली पर्वत श्रृंखला के बीच घिरा है. यहां के लोग कृषि पर आधरित हैं. मेवात जिले के तहत तीन विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से दो पर इनेलो और एक पर निर्दलीय का कब्जा है. कांग्रेस पिछले चुनाव में मेवात इलाके में खाता तक नहीं खोल सकी थी. हालांकि इस बार के बदले हुए समीकरण में बीजेपी ने मेवात में कमल खिलाने के लिए मुस्लिम प्रत्याशियों पर दांव लगया है.
नूह सीट
हरियाणा के मेवात जिले की नूह विधानसभा सीट पर इनेलो का कब्जा है. 2014 विधानसभा चुनाव में नूह विधानसभा सीट से इनेलो के जाकिर हुसैन ने 64221 वोट हासिल करके विधायक चुने गए थे. जबकि दूसरे नंबर पर कांग्रेस के आफताब अहमद रहे थे, जिन्हें 31425 वोट मिले. आफताब को 32796 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था. इस बार भाजपा से जाकिर हुसैन चुनावी मैदान में हैं तो कांग्रेस ने दोबारा आफताब को चुनावी रण में उतारा है.
फिरोजपुर झिरका सीट
फिरोजपुर झिरका विधानसभा सीट मेवात की महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है. 2014 विधानसभा चुनाव में फिरोजपुर झिरका विधानसभा सीट से इनेलो के नसीम अहमद ने 40320 वोट हासिल करके विधायक बने थे. जबकि दूसरे नंबर पर निर्दलीय प्रत्याशी ममन खान रहे थे. तीसरे नंबर पर भी निर्दलीय अमन अहमद थे. कांग्रेस इस सीट पर पांचवे नंबर पर है. बीजेपी ने इनेलो से विधायक रहे नसीम अहमद खान पर दांव लगाया है.
पुन्हाना सीट
पुन्हाना विधानसभा सीट मेवात जिले के तहत आती है. 2014 विधानसभा चुनाव में पुन्हाना विधानसभा सीट से निर्दलीय रहीश खान ने 34281 वोट हासिल कर विधायक बने थे. जबकि दूसरे नंबर पर इनेलो के मोहम्मद इलियास थे जिन्हें 31140 वोट मिले और उन्हें 3 हजार 141 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था. बदले हुए समीकरण में रहीश खान ने बीजेपी का दामन थामा था, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया है.
कुबूल अहमद