गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के गुरुवार 8 दिसंबर को नतीजे घोषित किए गए. गुजरात विधानसभा की 182 सीटों पर 1 और 5 दिसंबर को दो चरणों में मतदान हुआ था. वारछा रोड सीट की बात करें तो यहां से बीजेपी के किशोर कानानी ने एक बार फिर जीत दर्ज की है. दरअसल, सूरत शहर की 12 विधानसभाओं में से एक वराछा विधानसभा सीट पर भाजपा के मौजूदा विधायक किशोर भाई कानानी ने चुनाव लड़ा था. किशोर भाई कानानी गुजरात सरकार में स्वास्थ्य राज्य मंत्री भी रह चुके हैं.
बीजेपी का गढ़ मानी जाती रही है यह सीट
सूरत शहर की वराछा विधानसभा सीट सन 2008 में हुए विधानसभा क्षेत्र सीमांकन के बाद अस्तित्व में आई थी. 2017 के विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र से भाजपा ने पाटीदार समाज से आने वाले किशोर भाई कानानी को चुनावी मैदान में उतारा था. भाजपा के किशोर भाई कानानी को 68472 वोट मिले थे जबकि पाटीदार समाज से ही आने वाले कांग्रेस के धीरूभाई गजेरा को 54474 वोट मिले थे. 2012 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी भाजपा के किशोर भाई कानानी ने कांग्रेस के धीरूभाई गजेरा को हरा कर अपनी जीत दर्ज की थी. कुल मिलाकर सूरत की वराछा विधानसभा सीट भाजपा का गढ़ मानी जा रही है यही वजह है यहां से भाजपा जीतती आ रही है.
पाटीदार समाज के लोग ज्यादा
सूरत लोकसभा क्षेत्र में आने वाली वराछा विधानसभा क्षेत्र में अत्यधिक लोग सौराष्ट्र से आने वाले पाटीदार समाज के लोग रहते हैं. इस क्षेत्र का बाहुल्य पाटीदार समाज अभी तक विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में ही मतदान करता रहा है. यही वजह है वराछा विधानसभा क्षेत्र के अस्तित्व में आने के बाद दोनों ही बार भाजपा के प्रत्याशी की जीत हुई है. 2015 में हार्दिक पटेल की अगुवाई में गुजरात में शुरू हुए पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान इस क्षेत्र के भाजपा समर्थकों को काफी कुछ कठिनाइयों से गुजरना पड़ा था.
मतदाताओं की संख्या
सूरत की वराछा विधानसभा क्षेत्र में 2022 की वोटर लिस्ट के अनुसार कुल मतदाताओं की संख्या 2 लाख 16 हजार 528 है. जिसमें से 80% मतदाता लेवा पटेल समाज से आते हैं. 1 लाख 21 हज़ार 480 पुरुष मतदाता है जबकि 95042 महिला मतदाता है अन्य से मतदाताओं को मिलाकर जनसंख्या 216528 तक पहुंचती है.
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