बोधगया विधानसभा सीट को आरजेडी बचाने में कामयाब रही है. इस सीट पर कड़े मुकाबले में आरजेडी के कुमार सर्वजीत ने 4708 मतों से बीजेपी के हरी मांझी को शिकस्त दी है. इस चुनाव में आरजेडी के कुमार सर्वजीत को 41.84 फीसदी वोट मिले, जबकि बीजेपी के हरि मांझी को 39.4 फीसदी वोट मिले हैं. 2015 के विधानसभा चुनाव में भी इस सीट पर कुमार सर्वजीत ने जीत हासिल की थी.
कौन-कौन थे मैदान में?
जनता दल राष्ट्रवादी- विजय कुमार चौधरी
राष्ट्रीय जनता दल- कुमार सर्वजीत
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी- सुरेश पासवान
भारतीय जनता पार्टी- हरी मांझी
राष्ट्रीय लोक समता पार्टी- अजय पासवान
कब हुआ था चुनाव?
पहला चरण – 28 अक्टूबर
नतीजा – 10 नवंबर
बोधगया विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास
अनुसूचित जाति के आरक्षित इस सीट पर पहला चुनाव 1957 में हुआ था. तब कांग्रेस के टिकट पर शांति देवी जीती थीं. इसके बाद 1962 में स्वतंत्र पार्टी के कुलदीप महतो जीते. 1967 में आर मांझी, 1969 में कली राम, 1972 में बलिक राम, 1977 में राजेश कुमार, 1980 में फिर बलिक राम, 1985 में फिर राजेश कुमार जीते.
1990 के चुनाव में बलिक राम फिर से जीते. इसके बाद 1995 के चुनाव मालती देवी जीतीं. 2000 के चुनाव में आरजेडी के टिकट पर जीतनराम मांझी जीते. इसके बाद 2005 के चुनाव में बीजेपी के हरी मांझी जीते. 2010 में बीजेपी के श्याम देव पासवान जीते. इसके बाद 2015 के चुनाव में आरजेडी के टिकट पर कुमार सर्वजीत जीतने में कामयाब हुए.
सामाजिक तानाबाना
बोधगया का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है, लेकिन यहां के लोग कई तरह की परेशानी झेल रहे हैं. बोधगया विधासभा क्षेत्र के टनकुप्पा और फतेहपुर प्रखंड के इलाके में अभी भी काफी गरीबी है. इस विधानससभा की कुल आबादी 6 लाख 31 हजार 716 है. 2015 में यहां 57 फीसदी मतदान हुआ था.
2015 के चुनावी नतीजे
2015 के चुनाव में आरजेडी के कुमार सर्वजीत ने बीजेपी के श्यामदेव पासवान को करीब 30 हजार मतों से हराया था. उस चुनाव में कुमार सर्वजीत को 82656 और श्यामदेव पासवान को 52183 मत मिले थे. तीसरे नंबर पर निर्दलीय प्रत्याशी देवेंद्र (4265 वोट) और चौथे नंबर पर सीपीआई की जानकी पासवान (4057) रही थीं.
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