आज का दिन: चुनावी मैदान में आमने सामने हैं शुभेंदु अधिकारी-ममता बनर्जी, कैसा रहेगा रण?

2016 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी की तरफ से लड़ते हुए सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम की सीट से फतह हासिल की थी लेकिन इस बार क्या होता है ये तो आगे पता चलेगा लेकिन फिलहाल ममता बैनर्जी ने नंदीग्राम में ही अपना आसन जमा लिया है और कहा है कि अब वह चुनाव के बाद ही नंदीग्राम से जाएंगी.

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बंगाल में नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी आमने सामने हैं (फाइल फोटो) बंगाल में नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी आमने सामने हैं (फाइल फोटो)

अमन गुप्ता

  • कोलकाता,
  • 29 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 12:23 PM IST

एक अप्रैल को बंगाल में तीस सीटों पर दूसरे चरण का चुनाव होना है. और चुनाव की इसी आपा धापी को देखते हुए हर एक पार्टी अलग अलग तरीके से एक दूसरे पर हमलावर होती दिख रही है. दावा है ऑडियो जारी कर बीजेपी ने ममता पर उनके एक कार्यकर्ता प्रलयपाल को भरमाने की कोशिश की तो वहीं टीएमसी ने मुकुल रॉय का ऑडियो जारी कर बीजेपी पर चुनाव आयोग को प्रभावित करने का आरोप लगाया.  दूसरे चरण के चुनाव में सबकी नज़र नंदीग्राम की सीट पर टिकी है जहां से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी उतरी हैं तो दूसरी ओर भाजपा की तरफ से मैदान में सुवेंदु अधिकारी हैं.

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2016 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी की तरफ से लड़ते हुए सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम की सीट से फतह हासिल की थी लेकिन इस बार क्या होता है ये तो आगे पता चलेगा लेकिन फिलहाल ममता बैनर्जी ने नंदीग्राम में ही अपना आसन जमा लिया है और कहा है कि अब वह चुनाव के बाद ही नंदीग्राम से जाएंगी. दूसरी तरफ अमित शाह भी 30 मार्च को नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी के लिए रोड शो करने वाले हैं. तो ममता के इस रवैये क्या मतलब है, क्या ममता अपनी जीत को लेकर असमंजस में दिख रही हैं और क्या वो ये स्वीकार कर रही हैं कि सुवेंदु अधिकारी से उन्हें कड़ी टक्कर मिलने वाली है.

महाराष्ट्र में इन दिनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) संकट के दौर से गुजर रही है. NIA एंटीलिया और सचिन वाझे मामले की जांच कर रही है. मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए हैं. राजनीति के माहिर शरद पवार अपनी पार्टी को महाराष्ट्र की सत्ता में बनाए रखने के लिए क्या करेंगे इस पर सब की निगाहें टिकी हुई हैं. इस बीच सूत्रों के हवालों से ये ख़बर आई है कि एनसीपी के दो दिग्गज नेताओं की गुजरात के एक बड़े व्यापारी के साथ अहमदाबाद में मुलाकात हुई है. और इस मीटिंग की सबसे  दिलचस्प बात ये है कि जिस गुजराती व्यापारी के साथ उनकी मुलाकात हुई उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के करीबियों में से एक माना जाता है. माना जा रहा है की दोनों नेताओं और गुजरात के व्यापारी के बीच यह एक डिनर डिप्लोमेसी थी. लेकिन इस मुलाकात को लेकर अटकलों का बाजार भी काफी गर्म है. हालंकि जब पत्रकारों ने अमित शाह से उनकी बातचीत और इस मीटिंग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कुछ बातें सार्वजनिक नहीं करनी चाहिए. तो अभी हफ़्ते भर पहले ही शरद पवार बीजेपी के ख़िलाफ़ तीसरे मोर्चे की बात कर रहे थे. लेकिन अब जो हो रहा है उस आधार पर क्या हम ये कह सकते हैं की एनसीपी बीजेपी के साथ जा सकती है?

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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी है, अगले साल विधानसभा चुनाव भी होने वाले है. फ़िलहाल मौजूदा सरकार अपने 4 साल का जश्न मना रही है और अपनी उपलब्धियां गिना रही है. इन सब के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज तक से खास बातचीत की है और जमकर योगी सरकार पर निशाना साधा है. अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी की बीजेपी सरकार ने समाजवादी पार्टी के कार्यकाल के दौरान जो विकास कार्य शुरू हुए थे उसे ही आगे बढ़ाया है ना की कुछ अलग किया है.

इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट, फिर टी20 और अब वनडे सीरीज भी अपने नाम कर भारत ने इतिहास रच दिया है. पुणे में खेले गए तीसरे और फ़ाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए 7 रनों से जीत दर्ज कर वनडे ट्रॉफी पर भी अपना कब्जा जमा लिया. सीरीज 1-1 से बराबर थी और इस करो या मरो वाले मुकाबले में टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारत की शुरुआत शानदार रही. बल्लेबाजों ने तेज़ गति से रन बनाए जिसकी बदौलत एक समय लग रहा था कि 350 रनों का आंकड़ा आराम से पार करेगी लेकिन पूरी टीम 329 रनों पर ऑल आउट हो गई. लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम को शुरुआती झटके जरुर लगे लेकिन उनके मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों ने वापसी करते हुए भारत को कड़ी टक्कर दी. समझ नहीं आ रहा था कि मैच का रुख किसकी ओर जाएगा. आखिरी ओवर में जीत के लिये इंग्लैंड को 14 रनों की दरकार थी मगर नटराजन की सटीक गेंदबाजी की बदौलत भारत ने मैच अपने नाम कर लिया. लेकिन कल फील्डिंग ने बहुत निराश किया लग रहा था फील्डिंग सीरीज ले डूबेगी तो इसके पीछे की वजह क्या है और नटराजन को खिलाने का फ़ैसला कितना अहम रहा.

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इन सब ख़बरों पर विस्तार से बात के अलावा आज के अख़बारों से सुर्खियां और आज का इतिहास सुनिए 'आज का दिन' में अमन गुप्ता के साथ. 


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