थूथुक्कुडी विधानसभा क्षेत्र (संख्या 214) तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्से में मन्नार की खाड़ी के तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण शहरी-ग्रामीण मिश्रित क्षेत्र है. यह एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह शहर है, जहां से बड़े पैमाने पर माल ढुलाई होती है. यहां की अर्थव्यवस्था शिपिंग, नमक उत्पादन, मत्स्य पालन और छोटे-मोटे उद्योगों पर आधारित है, जबकि आसपास के ग्रामीण
इलाके कृषि और पशुपालन पर निर्भर हैं. सांस्कृतिक रूप से यह क्षेत्र अत्यंत समृद्ध है, जहां मंदिर, चर्च और मस्जिद इसकी सामाजिक विविधता को दर्शाते हैं. वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां से राज्य मंत्री गीता जीवन निर्वाचित हुई थीं.
थूथुक्कुडी में स्थित वेदांता स्टरलाइट फैक्ट्री लंबे समय से विवाद का विषय रही है. पर्यावरणीय और अन्य चिंताओं को लेकर इसे बंद कराने के लिए हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान, पिछली एआईएडीएमके सरकार के समय पुलिस फायरिंग में 13 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद से यह फैक्ट्री बंद है और मामला अभी भी कानूनी प्रक्रिया में है.
इतिहास में “पर्ल सिटी” के नाम से प्रसिद्ध थूथुक्कुडी प्राकृतिक मोती मछली पकड़ने के लिए जानी जाती रही है. पांड्य राजाओं के समय से ही यह एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और वाणिज्यिक बंदरगाह रहा है, जहां पूर्व और पश्चिम के देशों के साथ व्यापार होता था.
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से यह विधानसभा क्षेत्र अत्यंत विविधतापूर्ण है. यहां शहरी निवासी, औद्योगिक श्रमिक, मछुआरे, किसान, मजदूर और व्यापारी शामिल हैं. मतदान के रुझान जातीय समीकरणों, समुदाय की पहचान, स्थानीय नेतृत्व और ठोस विकास कार्यों से प्रभावित होते हैं. शहरी मतदाता शासन और विचारधारा पर अधिक ध्यान देते हैं, जबकि ग्रामीण मतदाता कल्याण योजनाओं और समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में यह क्षेत्र मंत्री गीता जीवन द्वारा प्रतिनिधित्व किया जा रहा है.
इस क्षेत्र में प्रमुख स्थल और इलाके जैसे वानथिरुपति श्रीनिवास मंदिर, थूथुक्कुडी शहर और बंदरगाह, औद्योगिक क्षेत्र एवं नमक के मैदान, तटीय मछली पकड़ने वाले गांव, भीतरी कृषि क्षेत्र तथा धार्मिक व प्रशासनिक केंद्र शामिल हैं.
मतदाताओं की प्राथमिकताएं अलग-अलग वर्गों के अनुसार भिन्न हैं. किसान सिंचाई सुविधाओं और फसलों के उचित दाम की मांग कर रहे हैं. मछुआरे आजीविका सुरक्षा और सरकारी सब्सिडी चाहते हैं. श्रमिक और व्यापारी रोजगार, बुनियादी ढांचे और सुविधाओं पर जोर देते हैं. युवा कौशल विकास और नौकरी के अवसरों की उम्मीद रखते हैं, जबकि महिलाएं पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं. बुज़ुर्ग पेंशन और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर हैं.
यद्यपि बंदरगाह इस क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है, फिर भी व्यापार, उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए बेहतर हवाई संपर्क की मांग लगातार उठ रही है. कुल मिलाकर मतदाता ऐसे प्रतिनिधि को पसंद करते हैं जो सुलभ, परिणामोन्मुख और विकास व कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित करे. वर्तमान मतदाता मनोदशा मिश्रित है. कुछ लोग कल्याण योजनाओं और निरंतरता से संतुष्ट हैं, जबकि एक बड़ा वर्ग प्रदर्शन से असंतोष या बदलाव की इच्छा भी प्रकट कर रहा है.