तिरुवल्लूर (निर्वाचन क्षेत्र संख्या-4) तिरुवल्लूर जिले का मुख्यालय होने के कारण प्रशासनिक, ग्रामीण और अर्ध-शहरी विशेषताओं का अनोखा संगम है. यह चेन्नई के उत्तर-पश्चिमी छोर से आगे स्थित है और आसपास के ग्रामीण व कस्बाई इलाकों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सेवा केंद्र के रूप में कार्य करता है. यह क्षेत्र प्रसिद्ध दिव्यदेशम श्री विजयाराघव पेरुमल
मंदिर के कारण धार्मिक दृष्टि से भी खास महत्व रखता है. केवल ग्रामीण सीट न होकर, यहां की राजनीति प्रशासनिक कार्यकुशलता, सिंचाई व्यवस्था की विश्वसनीयता, रोजगार के अवसर और धीरे-धीरे बढ़ते शहरीकरण से प्रभावित होती है.
यहां के मतदाताओं में सरकारी कर्मचारी, किसान, व्यापारी, सेवा क्षेत्र के कामगार, छात्र और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं. गांवों में जातिगत नेटवर्क मतदान को प्रभावित करते हैं, जबकि शहर और कस्बाई इलाकों में सरकारी सेवाओं की उपलब्धता और प्रशासन की तत्परता निर्णायक भूमिका निभाती है. किसान संगठनों, कर्मचारी यूनियनों, व्यापार मंडलों और पंचायत प्रतिनिधियों का भी जनमत पर प्रभाव रहता है.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र तिरुवल्लूर शहर, कृषि प्रधान गांवों, सिंचाई टैंकों और तेजी से विकसित हो रही आवासीय कॉलोनियों से मिलकर बना है. चेन्नई से रेल और सड़क संपर्क होने के कारण यह एक उभरता हुआ कम्यूटर बेल्ट बन रहा है, हालांकि अंदरूनी गांवों की सड़कों, सार्वजनिक परिवहन की आवृत्ति और जल निकासी जैसी सुविधाओं में अभी भी कमी है. मुख्य गतिविधि केंद्रों में जिला कलेक्ट्रेट, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, सिंचाई टैंक, बाजार और बस स्टैंड शामिल हैं.
यहां की प्रमुख समस्याओं में अनियमित सिंचाई जल आपूर्ति, गांवों की खराब सड़कें, गर्मियों में पेयजल संकट, शहर की अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था, सीमित सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार के लिए युवाओं का पलायन तथा राजस्व और भूमि से जुड़े मामलों में देरी शामिल हैं. मतदाताओं की प्राथमिकताएं भी अलग-अलग वर्गों के अनुसार हैं-किसान सिंचाई और टैंक रखरखाव पर ध्यान देते हैं, सरकारी कर्मचारी प्रशासनिक दक्षता चाहते हैं, युवा स्थानीय रोजगार और कौशल प्रशिक्षण की मांग करते हैं, महिलाएं पानी और स्वास्थ्य सेवाओं को अहम मानती हैं, जबकि बुजुर्ग पेंशन और परिवहन सुविधाओं पर जोर देते हैं.
तिरुवल्लूर के मतदाता अपने प्रतिनिधियों से यह अपेक्षा रखते हैं कि वे जिले के मुख्यालय होने के लाभ का उपयोग करते हुए तेज और प्रभावी समाधान दें तथा शहर और गांव दोनों के संतुलित विकास को सुनिश्चित करें.