थिरुपोरुर विधानसभा क्षेत्र (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 33) चेंगलपट्टू जिले में ओल्ड महाबलीपुरम रोड (OMR) और ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) के विकास गलियारे पर स्थित है. यह क्षेत्र तेजी से बदल रहा है, जहां एक ओर पारंपरिक कृषि पर आधारित गांव हैं तो दूसरी ओर आईटी उद्योग के कारण तेजी से फैलता उपनगरीय शहरीकरण दिखाई देता है.
कंदास्वामी मंदिर के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र सांस्कृतिक विरासत और तमिलनाडु के सबसे तेजी से विकसित होते रियल एस्टेट व रोजगार केंद्रों का अनोखा संगम है. यह पूरी तरह ग्रामीण या शहरी नहीं है, बल्कि यहां की राजनीति भूमि उपयोग परिवर्तन, बुनियादी ढांचे की कमी, जल संकट और विकास के असमान लाभ वितरण से प्रभावित होती है.
यहां का मतदाता वर्ग काफी विविध है, जिसमें किसान, मछुआरा समुदाय से जुड़े परिवार, रियल एस्टेट में रहने वाले लोग, आईटी कर्मचारी, निर्माण मजदूर और प्रवासी श्रमिक शामिल हैं. वोटिंग का रुझान अब प्रदर्शन और विकास पर आधारित होता जा रहा है, लेकिन अंदरूनी पंचायत क्षेत्रों में जातिगत और पारंपरिक सामाजिक नेटवर्क अब भी प्रभावशाली हैं. भूमि विवादों का समाधान और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता चुनावी नतीजों को काफी हद तक प्रभावित करती है.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र अंदरूनी गांवों, मंदिर-नगर, OMR और ECR के किनारे बसे इलाकों तथा नई रिहायशी कॉलोनियों में फैला है. OMR चेन्नई के आईटी हब से मजबूत कनेक्टिविटी देता है, जबकि ECR पर्यटन और तटीय बस्तियों को जोड़ता है. इसके बावजूद अंदरूनी सड़कों, अंतिम छोर तक परिवहन और जल निकासी व्यवस्था का विकास रिहायशी विस्तार की रफ्तार से पीछे है.
इस क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों में पीने के पानी की कमी और भूजल का गिरता स्तर, बरसात के मौसम में जलभराव, OMR और मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक जाम, नई कॉलोनियों में सीवरेज की कमी, अंदरूनी सड़कों की खराब स्थिति और भूमि उपयोग से जुड़े विवाद शामिल हैं. गांवों के लोग पानी और सड़क की सुविधा चाहते हैं, नए निवासी और आईटी कर्मचारी बेहतर जलनिकासी और परिवहन व्यवस्था पर जोर देते हैं, युवा वर्ग कौशल विकास और स्थानीय रोजगार की मांग करता है, महिलाएं पानी, स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं, जबकि मंदिर से जुड़े समुदाय स्वच्छता और आवागमन की सुविधा को अहम मानते हैं.
कुल मिलाकर थिरुपोरुर एक ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जहां मतदाता नेतृत्व को इस आधार पर परखते हैं कि वह तेजी से हो रहे शहरी विकास को जल सुरक्षा, बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और पर्यावरण संतुलन के साथ कितनी अच्छी तरह संभाल पाता है.