श्रीपेरंबदूर, विधानसभा क्षेत्र संख्या 29, चेन्नई महानगर क्षेत्र के अंतर्गत पश्चिमी कांचीपुरम जिले में स्थित एक रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण औद्योगिक-अर्धशहरी क्षेत्र है. यह इलाका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण केंद्र के रूप में जाना जाता है और तमिलनाडु की औद्योगिक महत्वाकांक्षाओं का प्रतीक है. साथ ही यह उन गाँवों
का भी प्रतिनिधित्व करता है जो पारंपरिक कृषि आधारित जीवन से निकलकर फैक्ट्रियों से जुड़ी अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं.
श्रीपेरंबदूर का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व भी गहरा है. यह महान वैष्णव आचार्य श्री रामानुजाचार्य की जन्मभूमि है और यहां स्थित आधिकेशव पेरुमाल मंदिर में उनसे संबंधित पवित्र स्थल है. इसी क्षेत्र में राजीव गांधी स्मारक भी स्थित है, जहां मई 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या हुई थी.
सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से यहां का मतदाता वर्ग औद्योगिक और ठेका श्रमिकों, इंजीनियरों, छोटे व्यापारियों, किसानों और पीढ़ियों से बसे ग्रामीण समुदायों से मिलकर बना है. गांवों में जातीय समीकरण स्थानीय राजनीति को प्रभावित करते हैं, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार की सुरक्षा, सरकारी कल्याण योजनाओं की पहुंच और स्थानीय युवाओं को फैक्ट्रियों में काम मिलने जैसे मुद्दे मतदान को दिशा देते हैं. विधायक से अपेक्षा रहती है कि वह उद्योगों, श्रमिकों, ग्रामीणों और सरकार के बीच संतुलन बनाने की भूमिका निभाए.
भौगोलिक रूप से इस क्षेत्र में SIPCOT औद्योगिक परिसर, राष्ट्रीय राजमार्गों के गलियारे, उभरते टाउनशिप और कुछ कृषि प्रधान इलाके शामिल हैं. चेन्नई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) और आउटर रिंग रोड के कारण यहां की कनेक्टिविटी मजबूत है, लेकिन अंदरूनी गांवों की सड़कें, सार्वजनिक परिवहन की आवृत्ति और अंतिम छोर तक पहुंच अभी भी कमजोर है.
मुख्य समस्याओं में स्थानीय युवाओं को उद्योगों में पर्याप्त रोजगार न मिलना, शिफ्ट में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सार्वजनिक परिवहन की कमी, पीने के पानी की किल्लत और भूजल का गिरता स्तर, खराब ग्रामीण सड़कें, औद्योगिक प्रदूषण, श्रमिकों के लिए आवास की कमी और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की अपर्याप्तता शामिल हैं.
मतदाता मनोवृत्ति के अनुसार औद्योगिक मजदूर नौकरी की सुरक्षा, परिवहन और आवास चाहते हैं; ग्रामीण लोग पानी, सड़कों और भूमि मुआवजे को प्राथमिकता देते हैं. युवा फैक्ट्रियों से जुड़ा कौशल प्रशिक्षण चाहते हैं जबकि महिला श्रमिक सुरक्षा, परिवहन और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर देती हैं.
श्रीपेरंबदूर के मतदाता चाहते हैं कि तेज औद्योगिक विकास का सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचे. रोजगार, कौशल विकास, जल सुरक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक-ग्रामीण संतुलित विकास आज इस क्षेत्र की राजनीति और अपेक्षाओं के केंद्र में हैं.