चेन्नई के पश्चिमी छोर पर स्थित आरक्षित विधानसभा क्षेत्र पूनमल्ली (सीट नंबर 6) एक तेजी से विकसित हो रहा इलाका है, जिसकी पहचान हाईवे कनेक्टिविटी, रक्षा प्रतिष्ठानों, घनी होती आवासीय कॉलोनियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के शहरीकरण से बनती है. कभी यह एक ऐतिहासिक मंदिर नगरी और सैन्य केंद्र था, लेकिन आज यह चेन्नई को बेंगलुरु और तमिलनाडु के अंदरूनी
इलाकों से जोड़ने वाला एक प्रमुख पश्चिमी प्रवेश द्वार बन चुका है.
शहर के मुख्य इलाकों से अलग, पूनमल्ली की राजनीति का केंद्र तेज शहरी विस्तार को संभालना है, जिसमें बुनियादी ढांचे का विकास, यातायात प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति और नागरिक सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था प्रमुख मुद्दे हैं. यहां के मतदाता व्यावहारिक हैं और विकास व इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता देते हैं.
इस क्षेत्र की आबादी में रक्षा कर्मियों के परिवार, सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी, व्यापारी, प्रवासी कामगार और लंबे समय से बसे ग्रामीण समुदाय शामिल हैं. हालांकि कुछ गांवों में जातिगत समीकरण मौजूद हैं, लेकिन कुल मिलाकर शासन की गुणवत्ता, सरकारी योजनाओं की पहुंच और विधायक की उपलब्धता ही मतदाताओं की सोच को अधिक प्रभावित करती है. रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, व्यापारी संगठन और स्थानीय सामाजिक नेटवर्क जनमत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
भौगोलिक रूप से पूनमल्ली में आवासीय कॉलोनियां, रक्षा भूमि, व्यावसायिक गलियारे और गांव शामिल हैं. यहां एनएच-48 (चेन्नई–बेंगलुरु हाईवे), आउटर रिंग रोड तथा पोरुर, अवडी और मदुरावायल से जोड़ने वाली सड़कों के कारण कनेक्टिविटी मजबूत है. हाल ही में शुरू हुई मेट्रो रेल सेवा ने आवागमन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति दी है. इसके बावजूद, पूनमल्ली जंक्शन पर भारी ट्रैफिक जाम, अंदरूनी सड़कों की खराब हालत और मानसून के दौरान जलभराव अब भी बड़ी समस्याएं हैं.
यह क्षेत्र पूनमल्ली कस्बे, रक्षा आवासीय इलाके, बाजार, बस स्टैंड, एनएच-48 और आउटर रिंग रोड के आसपास के हिस्सों तथा आसपास के अर्ध-शहरी गांवों तक फैला हुआ है. साथ ही यहां वरदराज पेरुमल मंदिर, वैद्यनाथस्वामी मंदिर और भक्तवत्सल पेरुमल मंदिर जैसे प्राचीन धार्मिक स्थल भी स्थित हैं.
स्थानीय लोगों की प्रमुख समस्याओं में पूनमल्ली जंक्शन पर गंभीर ट्रैफिक जाम, कमजोर जलनिकासी व्यवस्था के कारण बाढ़, पेयजल की कमी और टैंकरों पर निर्भरता, खराब अंदरूनी सड़कें, कचरा प्रबंधन की दिक्कतें और हाईवे के पास पैदल यात्रियों की सुरक्षा शामिल हैं.
मतदाताओं का मूड साफ तौर पर विकास और सुविधाओं पर केंद्रित है. यहां के लोग बाढ़ नियंत्रण, पानी की नियमित आपूर्ति और बेहतर सड़कों को प्राथमिकता देते हैं. रोजाना यात्रा करने वाले नागरिक ट्रैफिक से राहत और सुरक्षित अंडरपास या फुटओवर ब्रिज की मांग करते हैं. महिलाएं सुरक्षा और स्ट्रीट लाइटिंग पर जोर देती हैं, जबकि युवा बेहतर कनेक्टिविटी और सार्वजनिक सुविधाओं की उम्मीद रखते हैं. कुल मिलाकर, पूनमल्ली के मतदाता तेजी से हो रहे शहरीकरण के दबाव को संभालने के लिए मजबूत और प्रभावी नेतृत्व की अपेक्षा रखते हैं.