बसंत पंचमी के अवसर पर विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है. वैसे तो देश के तमाम स्कूल और कॉलेज में ये दिन काफी हर्षों-उल्लास के साथ मनाया जाता है. आइए ऐेसे में जानते हैं, देश की अलग-अलग यूनिवर्सिटीज और स्कूलों में कहां और कैसे बसंत पंचमी मनाई गई और छात्रों ने क्या- क्या खास तैयारी की.
सबसे पहले बात करते हैं काशी हिंदू विश्वविद्यालय की. बसंत पंचमी और हिंदू विश्वविद्यालय के बीच खास रिश्ता है. दरअसल, साल 1916 में बीएचयू की स्थापना जिस दिन हुई थी वह दिन बसंत पंचमी का ही था. इस तरह वसंतोत्सव यहां का स्थापना दिवस है. बता दें, इस सरस्वती पूजा के बाद कैंपस में सभी फैकल्टी, विभागों और छात्रों की ओर से झांकियां निकाली जाती हैं.
इस कॉलेज को नहीं मिली सरस्वती पूजा की इजाजत
जहां ज्यादातर कॉलेज में 'सरस्वती पूजा' का आयोजन बसंत पंचमी को किया जाता है. वहीं केरल के इंजीनियरिंग कॉलेज में सरस्वती पूजा की इजाजत नहीं मिली. दरअसल 'कोच्चि यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी' के ज्वाइंट रजिस्ट्रार ने पूजा के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन से इजाजत मांगते हुए एक पत्र लिखा था. जिसके बाद वाइस चांसलर ने उत्तर भारतीय छात्रों को ‘सरस्वती पूजा’ आयोजित करने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया, उन्होंने कहा ये यह एक धर्मनिरपेक्ष परिसर है, किसी विशेष धर्म के कार्यों की अनुमति नहीं दे सकता.
आर्यन्स ग्रुप ऑफ कॉलेज
6 फरवरी को इस कॉलेज में पूरे हर्षोउल्लास के साथ बसंत पंचमी का त्योहार मनाया. छात्रों ने पूरे कॉलेज को पीली रंग की रंगोली और रंग-बिरंगी पतंगों से सजाया. राजपुरा, चंडीगढ़ के आर्यन्स ग्रुप ऑफ कॉलेज के छात्रों और कॉलेज स्टाफ ने पीले रंग के वस्त्र पहने थे. साथ ही चावल के बने हुए पकवान सभी लोगों में बांटे गए.
इन स्कूलों में मनाई गई वसंत पंचमी
#1:- लुधियाना के स्प्रिंग डेल सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में रंगीन तरीके से बसंत पंचमी का त्योहार मनाया गया. छोटे- छोटे प्यारे बच्चे सुंदर पीले रंग की ड्रेस में दिखें. वहीं, इस इस अवसर पर छात्रों को 'वसंत प्रिंस' और 'वसंत राजकुमारी' के खिताब भी दिया गया. पूरे स्कूल में रंग-बिरंगी पतंगे पीली धूप सी सजी गई थी. सरस्वती पूजा के बाद स्कूल में एक सकारात्मक वातावरण बना.
#2:- न्यू सुभाष नगर में स्थित ग्रीन लैंड कॉन्वेंट स्कूल में स्कूल में वसंत पंचमी को खास रूप से मनाया गया.स्कूल वालों ने बताया वसंत पंचमी के दिन होली के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है. बच्चे पीले रंग के चमकीले कपड़े पहनकर पहुंचे, जो वसंत का रंग है और यह दोनों देवी सरस्वती से जुड़ा हुआ है. स्कूल वाले देवी सरस्वती की पूजा अर्चना करते हैं, जिसके बाद सभी छात्रों और कर्मचारियों के बीच प्रसाद को बांटा जाता है. वहीं, इस दिन खास सभा का आयोजन किया जाता है. जिसकी शुरुआत इसकी बच्चों और सभी शिक्षक ने 'सरस्वती वंदना' गाकर करते हैं.
#3:- लुधियाना के किचलू नगर में स्थित भारतीय विद्या मंदिर स्कूल में बसंत पंचमी को उल्लास के साथ मनाया गया. ज्ञान और ज्ञान की देवी की कृपा पाने के लिए सरस्वती पूजन के साथ उत्सव का आरंभ हुआ. श्लोकों के दिव्य गायन के बाद, सरस्वती वंदना और भजन सभी ने धार्मिक उत्साह का साथ में आनंद लिया. छात्रों ने देवी सरस्वती को वसंत के फूल अर्पित किए और पीले भोजन किया.
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