एक महीने पहले एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावेड़कर ने ऐलान किया था कि मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी. अब सरकार इस फैसले के बारे में दोबारा सोच रही है.
यानी जहां पहले प्रस्ताव में कहा जा रहा था साल 2019 से नीट की परीक्षा दो बार आयोजित होगी अब उस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया जा रहा है. मंत्रालय अगले हफ्ते तक उस पर कोई फैसला लेगा. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार साल 2019 में होने वाली नीट की परीक्षा पेन-पेपर मोड (ऑफलाइन) में ही आयोजित की जाएगी. जिसे सीबीएसई ही आयोजित करेगा न कि नेशनल टेस्टिंग एंजेसी.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के हवाले NEET, JEE, NET, जानें: कब-कब होंगी परीक्षाएं
नीट परीक्षा को साल 2019 पेन-पेपर मोड में आयोजित करने का सुझाव स्वास्थ्य मंत्रालय ने ही दिया है. वहीं एचआरडी मंत्रालय ने कहा है कि यदि नीट की परीक्षा को ऑनलाइन कर दिया जाएगा तो इससे वह छात्र ज्यादा प्रभावित होंगे जिन्हें ऑनलाइन परीक्षा की अच्छे से समझ नहीं है. ग्रामीण और आर्थिक रूप से गरीब परिवारों के छात्रों को इसका नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए नीट की परीक्षा पर विचार चल रहा है.
आपको बता दें, सरकार ने नीट के अलावा इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए होने वाली JEE की परीक्षा को भी साल में दो बार आयोजित करने की बात कही थी. सरकार की ओर से जारी किए गए निर्देशों के अनुसार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से करवाई जाने वाली कई परीक्षाओं के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) का गठन भी किया गया है.
NEET परीक्षा के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूसरे राज्य: जावड़ेकर
ये घोषणा की गई थी कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से करवाई जाने वाली कई परीक्षाएं अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) करवाएगी. इन परीक्षाओं में मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आवश्यक नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए करवाई जाने वाली (JEET) और सीएमएटी भी शामिल है.
अब नीट की परीक्षा साल में दो बार होगी या नहीं होगी इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कम से कम अगले साल तक ऑफलाइन परीक्षा जारी रखने की सलाह दी है. वहीं अगले हफ्ते इस एचआरडी मिनिस्ट्री इस मामले में कोई फैसला लेगी.
प्रियंका शर्मा