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ये है दुनिया की सबसे सुंदर लड़की, ऐसे नापा जाता है परफेक्ट चेहरा

aajtak.in
  • 18 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 8:01 PM IST
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इंसान कितना सफल, समझदार और खूबसूरत है इसके लिए एक पैमाना सेट किया गया है. यानी अगर आप उस पैमाने पर खरे उतरते हैं तो आप सफल, समझदार और खूबसूरत हो सकते हैं. ऐसा ही पैमाने के बलबूते सुपरमॉडल बेला हदीद को दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की माना गया है. जानें, कौन हैं ये मॉडल और क्या है खूबसूरती तय करने वाला ये पैमाना.

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'Golden Ratio of Beauty Phi Standards' क्लासिक ग्रीक कैलकुलेशन के अनुसार ग्रीक के गणितज्ञों ने बेला हदीद को दुनिया की सबसे खुबसूरत चेहरे का खिताब दिया गया है.

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कैसे पता चला बेला है सबसे खूबसूरत चेहरा?

कॉस्मेटिक सर्जन डॉ जूलियन डी सिल्वा ने मॉडल बेला हदीद को ब्यूटी फाई के गोल्डन रेशियो के "विज्ञान" के आधार पर दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला घोषित किया है. इसमें क्लासिक ग्रीक कैलकुलेशन के आधार पर खूबसूरती को परिभाषित किया जाता है.

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'गोल्डेन रेशियो' पैमाने के अनुसार, 23 साल की बेला का चेहरा माप से 94.35 प्रतिशत तक मिलता है. जो एकदम परफेरक्ट और सटीक है. बेला को उनकी चिन यानी ठुड्डी की प्लेसमेंट के लिए 99.7 पर्सेंट पॉइंट्स मिले हैं.

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बता दें, इसी पैमाने के अनुसार, पॉप दिवा बियॉन्से को दूसरे स्थान पर रखा गया है. उनका चेहरा 92.44 प्रतिशत पैमाने के अनुरूप है.

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कैसे हुई ग्रीक गणना की शुरुआत


'गोल्डन रेशियो ऑफ ब्यूटी फी स्टैंडर्स' क्लासिक ग्रीक गणना के अनुरूप खूबसूरती को परिभाषित करता है. इसमें चेहरे के अनुपात का माप मानकों द्वारा किया जाता है. इस पैमाने को ग्रीक विद्वानों ने सुंदरता को वैज्ञानिक सूत्र के अनुरूप परिभाषित करने की कोशिश करते वक्त लागू किया था.

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इस डॉक्टर ने लिया  था बेला के चेहरे का माप
 
चेहरे का माप लंदन के प्रतिष्ठित हार्ले स्ट्रीट के एक लोकप्रिय फेशियल कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. जूलियन डी सिल्वा ने लिया है. इसमें चेहरे के आंखें, आईब्रोज, नाक, होंठ, जबड़ा, ठुड्डी और कान देखें जाते हैं. इस पैमाने के आधार परबेला हदीद विजेता बनी है. फिजिकल परफेक्शन के नाम पर उनका चेहरा बिल्कुल परफेक्ट है.



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हालांकि ये हैरान करने वाला है कि किसी भी महिला की खूबसूरती का माप मानकों द्वारा किया जाता है. ऐसे में मॉडल खुद को खूबसूरत और परफेक्ट साइज में आने के चक्कर में नेचुरल ब्यूटी के नाम पर खतरनाक सर्जरी करवाती है.

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आपको बता दें,  मॉडल वार्शिता Thatavarthi ने बताया कि कैसे उन लड़कियों को कैटेगरी में बांट दिया जाता है जो मोटे या प्लस साइज के होते हैं.

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उन्होंने बताया कि मॉडल के लिए फिगर साइज तय किए गए जाते हैं. आपको बता दें, UK2, UK4, US0 मॉडल के साइज होते हैं जिस आधार पर मॉडल्स का चयन किया जाता है.

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ऐसे में मार्केट में प्लस साइज मॉडल यानी मोटे लोगों के लिए मॉडलिंग में कम मौके हैं और जिन्हें मौके मिलते हैं उन्हें अन्य मॉडल से अलग समझा जाता है. उन्होंने कहा 90 प्रतिशत डस्की टोन वाली स्किन और प्लस साइज वाली मॉडल को काम करने का मौका तक नहीं मिलता. उन्हें गोरी-चिट्टी लड़कियां चाहिए. ऐसे में उनका आत्मविश्वास हिलता है और वह अंदर से मायूस होती हैं.



All Photos:instagram (bellahadid)

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