टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भारतीय
क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के 23 अक्टूबर को विधिवत
रूप से नए अध्यक्ष बन जाएंगे. बता दें, वह
मौजूदा कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना की जगह लेंगे. आइए
जानते हैं बीसीसीआई के बारे में. कौन थे सबसे पहले
अध्यक्ष और क्या है लोगो की कहानी.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की स्थापना 4
दिसंबर, 1928 को क्रिकेट में ब्रिटिश एकाधिकार को समाप्त
करने के लिए दिल्ली के रोशनारा क्लब में खिलाड़ियों के एक
समूह द्वारा की गई थी. 1928 में उन्होंने सारे
क्लबों को मिलाकर BCCI बनाया और तमिलनाडू में एक
सोसाइटी के रूप में दर्ज करवाया.
(BCCI का वर्तमान लोगो और अंग्रेजों का अवॉर्ड)
पहले अध्यक्ष श्री R. E. ग्रांट गोवन थे, जिन्होंने
1928-33 के बीच यह पद संभाला था. अब पूर्व भारतीय
कप्तान सौरव गांगुली को अक्टूबर 2019 में बीसीसीआई के
नए अध्यक्ष के रूप में चुना गया है. बीसीसीआई अध्यक्ष के
तौर पर गांगुली का कार्यकाल पूरे 10 महीने का होगा. ऐसा
इसलिए है क्योंकि वह पांच साल 2 महीने तक क्रिकेट
एसोसिएशन (कैब) के संयुक्त सचिव और अध्यक्ष पद पर
विराजमान रह चुके हैं. वह ऐसे पहले बीसीसीआई अध्यक्ष
होंगे, जिनके पास 400 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का
अनुभव है.
फोटो- R. E. ग्रांट गोवन
इनकी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा क्रिकेट
जगमोहन डालमिया एक भारतीय क्रिकेट प्रशासक और
कोलकाता शहर के व्यवसायी थे. वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल
बोर्ड और बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष थे. उन्होंने पहले
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया
था. डालमिया ने भारतीय क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर
लाने के लिए कड़ी मेहनत की.
भारतीय क्रिकेट टीम हो या फिर बोर्ड, डालमिया ने हर स्तर
पर सुधारों और बेहतर प्रशासन से इसे मजबूत बनाया. उनका
जन्म ब्रिटिश राज के दौरान कलकत्ता (अब कोलकाता) में
हुआ था. उनकी मृत्यु 20 सितंबर 2015 को कोलकाता के
निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हृदय की गति रुकने से
हुई.
गुलामी का प्रतीक है BCCI का LOGO
कम ही लोग जानते हैं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड
(BCCI) का 'लोगो' आज भी भारत की गुलामी का
प्रतीक है. दरअसल BCCI का यह 'लोगो' अंग्रेजों द्वारा
शुरू किये गये एक अवॉर्ड 'Order of the
Star of India' से लिया गया है. इस अवॉर्ड की
तीन श्रेणियां थीं:
नाइट ग्रैंड कमांडर (GCSI)
नाइट कमांडर (KCSI)
कम्पैनियन (CSI)
बता दें, भारतीय स्वतंत्रता उपरांत इसे कभी भी नहीं दिया गया.
क्या है ऑर्डर स्टार ऑफ इंडिया
1857 के युद्ध के दौरान भारत के अपने वफादार राजकुमारों
और राजाओं को खुश करने के लिए 1861 में महारानी
विक्टोरिया द्वारा "ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ इंडिया" पुरस्कार
शुरू किया गया था. कहने के लिए यह एक वीरता पुरस्कार था.
आपको बता दें, BCCI के "LOGO" के अलावा
भारत में पुलिस की ड्रेस, इंडियन पैनल कोड, इंडियन
एयरलाइंस का ‘लोगो’ जैसी बहुत ही चीजें हम अंग्रेजों की
दी हुई इस्तेमाल कर रहे हैं.
फोटो- BCCI का LOGO