इतने दिन स्कूल नहीं गया बच्चा, तो ये लोग पहुंचेंगे उसके घर, ओडिशा में नया शिक्षा फरमान जारी

ओडिशा सरकार ने बच्चों की स्कूल में उपस्थिति दर्ज करने के लिए एक अहम फैसला लिया है. उन्होंने एडवाइजरी जारी कर इस बात की जानकारी दी है कि अगर कोई छात्र एक हफ्ते या उससे अधिक समय तक स्कूल से गायब रहता है तो, स्कूल प्रशासन को उसके घर जाकर जानकारी लेनी होगी.

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ओडिशा सरकार ने बच्चों की स्कूल में   उपस्थिति दर्ज करने के लिए एक अहम फैसला लिया है.(Photo: Pexels ) ओडिशा सरकार ने बच्चों की स्कूल में उपस्थिति दर्ज करने के लिए एक अहम फैसला लिया है.(Photo: Pexels )

अजय कुमार नाथ

  • ओडिशा,
  • 10 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:55 PM IST

ओडिशा में प्राथमिक शिक्षा को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है. इसके तहत अगर कोई छात्र एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक स्कूल से गायब रहता है, तो स्कूल प्रशासन को उसके घर जाकर जानकारी लेनी होगी और ये जानना होगा कि आखिर क्या वजह है कि बच्चा स्कूल नहीं आ रहा है.  

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यह निर्देश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग यानी OSCPCR की गाइडलाइन के बाद जारी किया गया है. एडवाइजरी का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से दूर न जा पाए और स्कूल में उसकी अनुपस्थिति के पीछे की असली वजह सामने आ सकें.

निर्देश में इन बातों का जिक्र  

निर्देशों के अनुसार, अगर कोई छात्र लगातार एक हफ्ते या उससे ज्यादा समय तक स्कूल नहीं आता है, तो स्कूल के शिक्षक या संबंधित अधिकारी उसके घर जाएंगे. वहां जाकर यह पता लगाया जाएगा कि छात्र स्कूल क्यों नहीं आ रहा है. कारण जानने के बाद, स्कूल प्रशासन को जरूरी कदम उठाने होंगे, ताकि छात्र को दोबारा स्कूल से जोड़ा जा सके. 

जल्द से जल्द लागू हो नियम

इस एडवाइजरी को तुरंत लागू करने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दी गई है. सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें और इसकी रिपोर्ट भी दें. 

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हर बच्चे के लिए जरूरी है पढ़ाई 

इस पहल के जरिए ओडिशा का शिक्षा तंत्र यह संदेश देना चाहता है कि हर बच्चे के लिए पढ़ाई बेहद अहम है. साथ ही, यह कदम उन सामाजिक कारणों को भी पहचानने में मदद करेगा, जो बच्चों की शिक्षा में रुकावट बनते हैं. सरकार का साफ कहना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से न चुके और हर बच्चे को सुरक्षित और बेहतर भविष्य का मौका मिले. 
         
 

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