भारतीय भाषाओं में स्कूली शिक्षा के लिए 52 प्राइमर्स लांच, शिक्षा मंत्री ने कही ये बात

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन लैंग्वेजेज, मैसूर के सहयोग से राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा तैयार की गई गैर-अनुसूचित भाषाओं वाली प्राइमर्स, छात्रों को एक विषय से परिचित कराने वाली एक शॉर्ट बुक लॉन्च की है.

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Dharmendra Pradhan Dharmendra Pradhan

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 2:43 PM IST

52 Textbook Launched: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने और इसके विकास के लिए कई अहम कदम उठाते हैं. इसी कड़ी में शिक्षा मंत्री ने स्कूलों के लिए एक और अहम फैसला लिया है. शनिवार को प्रारंभिक शिक्षा (EECE Early Childhood Care Education) के लिए जनजातीय भाषाओं सहित भारतीय गैर-अनुसूचित भाषाओं में 52 पाठ्यपुस्तकें लॉन्च की गई हैं.

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शिक्षा मंत्री ने कही ये बात

कार्यक्रम के दौरान पुस्तकों को लॉन्च करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज का लॉन्च हमारे देश के उज्ज्वल भविष्य को आकार देने के लिए एक मजबूत नींव रखने की मोदी गारंटी को पूरा करने की दिशा में अहम कदम है, उन्होंने आगे कहा कि इससे जमीनी स्तर पर एनईपी 2020 का प्रभावी कार्यान्वयन होगा, शिक्षक और शिक्षार्थी सशक्त होंगे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा. बता दें कि नई शिक्षा नीति 2020 की नई गाइडलाइन के मुताबिक, छात्रों को कक्षा 5 तक अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ाई करनी होगी और फिर उच्च शिक्षा के लिए अंग्रेजी माध्यम में जाना होगा. 

52 भारतीय भाषाओं में लॉन्च किए गए प्राइमर के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह एक गेम-चेंजिंग पहल है. विशेष रूप से भारतीय भाषाओं में 52 प्राइमर ने एक नई सभ्यता की शुरुआत की है. इससे स्कूली शिक्षा में सुधार होगा. एनईपी 2020 ने शिक्षा प्रणाली को बदलने के लिए रूपरेखा तैयार की है और नेशनल मिशन फॉर मेंटरिंग (NMM) का उद्देश्य हमारे समर्पित शिक्षकों को मूल्यवान समर्थन और मार्गदर्शन प्रदान करना है. हमारे छात्रों के लिए एक मजबूत शैक्षिक नींव बनाने के लिए उन्हें सशक्त बनाना ह.  यह मिशन एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से चलेगा. 

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