बचपन में हो गई थी पिता की मौत, छोटी बहन ने ट्यूशन पढ़ाकर बड़ी बहन को बनाया अफसर

निकिता ने अपनी सफलता का श्रेय का सफलता उसने अपनी मां, छोटी बहन विभा, चचेरे भतीजे दीपक सहित अपने सभी च बहनों एवं बहनोई को दिया है. अपनी छोटी बहन विभा एवं चचेरे भाई दीपक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन्हों दोनों के अथक प्रयास से आज इस मुकाम पर पहुंची हूं.

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अपने परिवार के साथ निक‍िता, फोटो: अभ‍िषेक पांडेय अपने परिवार के साथ निक‍िता, फोटो: अभ‍िषेक पांडेय

अभिषेक पाण्डेय

  • मुजफ्फरपुर ,
  • 05 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 5:13 PM IST

एक कहावत है कि इन्सान में अगर कुछ कर गुजरने की चाह हो तो आदमी पत्थर पर भी लकीर खींच सकता है . कुछ ऐसा ही कर दिखाया है, बगहा नगर के नरईपुर की निकिता ने. निकिता ने कड़ी मेहनत कर एपीओ (सहायक अभियोजन अधिकारी) की परीक्षा पास की. निकिता के इस सफलता पर पूरा शहर गौरवान्वित है. निकिता जब चार साल की थी तभी उसके पिता का स्वर्गवास हो गया था. 

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ऐसे में उसकी मां ने कड़ी मेहनत कर सात बच्चियों का पालन पोषण किया. सात बच्चियों में छठे नंबर की निकिता की प्रारंभिक पढ़ाई नगर के नरईपुर में ही हुई. इसके बाद निकिता ने एसकेजे लॉ कॉलेज मुजफ्फरपुर से पांच वर्षीय बीए एलएलबी की पढ़ाई की. उसके बाद छोटी बहन विभा एवं चचेरे भतीजे दीपक के सहयोग न्यायिक परीक्षा की तैयारी करने इलाहाबाद पहुंची. निकि‍ता बचपन से पढ़ाई में बहुत अच्छी थी, यहां पढ़ाई में छोटी बहन ने पूरा सहयोग किया. छोटी बहन की मदद से निक‍िता परीक्षा की तैयारी के दौरान का खर्च उठाया.  

जहां छह वर्षों तक लगातार मेहनत के बाद 2023 में निकिता ने बीपीएससी की ओर से आयोजित एपीओ की परीक्षा पास की. उन्होंने पढ़ाई के लिए एक तय शेड्यूल बनाकर तैयारी की. सफलता हासिल होने क बाद निकिता ने अपनी सफलता का श्रेय का सफलता उसने अपनी मां, छोटी बहन विभा, चचेरे भतीजे दीपक सहित अपने सभी च बहनों एवं बहनोई को दिया है. अपनी छोटी बहन विभा एवं चचेरे भाई दीपक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन्हों दोनों के अथक प्रयास से आज इस मुकाम पर पहुंची हूं. छोटी बहन और मां ने जिस तरह अपनी जिम्मेदारी निभाई, उसकी बदौलत मैं आज अपनी ये सफलता हासिल कर सकी हूं.

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