JEE Mains 2024 Success Story: जेईई मेन्स के रिजल्ट जारी हो चुके हैं. इस परीक्षा में कई छात्र अच्छे अंकों से पास हुआ हैं और वह नामी इंजीनियरिंग कॉलेज में अपनी सीट पक्की करने के लिए तैयार हैं. इस परीक्षा में मुजफ्फरपुर के तरुण तन्मय ने 98.98 प्रतिशत लाकर नाम रोशन किया है. कड़ी मेहनत और घंटों की पढ़ाई का फल देखकर तरुण तन्मय काफी खुश हैं. यहां पढ़ें उनकी कहानी.
बेटे की पढ़ाई के लिए गांव छोड़ा
तन्मय बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं. उनके पिता धर्मवीर कुमार का संघर्ष आज उन्हें यहां तक लेकर आया है. तन्मय के पिता की आय ज्यादा नहीं थी. किसान परिवार से आने वाले धर्मवीर की पढ़ाई-लिखाई सुदूर सोहिजन गांव में ही हुई. उन्हें उस वक्त जो मौके नहीं मिले, वे नहीं चाहते थे कि उनके बच्चे भी उससे वंचित रह जाए. बच्चों को भविष्य संवारना था तो गांव छोड़कर बड़े शहर चले आए.
दो कमरों के स्कूल से की थी शुरुआत
बड़े शहर में आकर नई शुरुआत करना उतना आसान नहीं था लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. वे अपने गांव में एक टीचर थे, तो यहां आकर भी उन्होंने पढ़ाना शुरू कर दिया. दो कमरों का छोटा सा स्कूल खोला जिससे उनका घर का खर्च चलता था. उनके हौसले और मेहनत का ही नतीजा है कि आज उनका स्कूल जिले के बड़े स्कूलों में गिना जाता है. उनके स्कूल में पढ़े कई बच्चे आईआईटी में चयनित हुए हैं और बड़ी जगहों पर जॉब कर रहे हैं. हालांकि वे आज भी किराए घर में रहकर ही बच्चों को कामयाबी का पाठ पढ़ा रहे हैं.
पिता ने कहा- असली संपति बच्चों का शिक्षित होना ही है
धर्मवीर के बेटे तन्मय को भी पिता से विरासत में आगे बढ़ने का जज्बा मिला. तरुण तन्मय ने जेईई मेन्स में 98.98 परसेंटाइट स्कोर कर दिखा है. तरुण तन्मय के पिता धर्मवीर कुमार का कहना कि असली संपति बच्चों का शिक्षित होना होता है. तरुण तन्मय ने पिता का नाम रोशन किया है. तन्मय के पूरे परिवार में खुशी का महौल है.
मणि भूषण शर्मा